चीन को क्या दंड दिया जाए, ये राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप तय करेंगे: अमेरिकी विदेश मंत्री
नई दिल्ली: चीन के वुहान से शुरू हुआ कोरोना वायरस पूरी दुनिया में तेजी से फैल रहा है। सिर्फ चार महीने के अंदर इस वायरस ने 47 लाख लोगों को अपनी चपेट में ले लिया, जबकि 3.15 लाख लोगों की इससे मौत हुई है। अमेरिका कोरोना को लेकर लंबे वक्त से चीन से नाराज हैं। अब मामले में अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने चीन को लेकर बड़ा बयान दिया है। पोम्पियो के मुताबिक कोरोना के लिए चीन को क्या दंड दिया जाए, इसका फैसला राष्ट्रपति ट्रंप करेंगे। उसके बाद चीन के खिलाफ कड़े कदम उठाए जाएंगे।
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'कोरोना को रोक सकता था चीन'
अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो के मुताबिक चीन ने कोरोना के खतरे को जानते हुए भी लोगों को देश के बाहर यात्रा करने की इजाजत दी, जबकि उसे अपने देश के लोगों को रोक कर रखना चाहिए था। उन्होंने कहा कि कोरोना को लेकर चीन को क्या दंड दिया जाए, इसको लेकर राष्ट्रपति ट्रंप भविष्य में फैसला करेंगे। उन्होंने कहा कि चीन ने निर्णय का एक अलग सेट बनाया था, अगर वो समय से सही कदम उठा लेता तो अमेरिका समेत पूरी दुनिया इसकी चपेट में आने से बच जाती। उन्होंने कहा कि दिसंबर में चीनी कम्युनिस्ट पार्टी को कोरोना के खतरे के बारे में समझ में आया। हमने स्थिति पर नजर रखी और कुछ लोगों से बात की लेकिन सटीक जानकारी नहीं मिली। राष्ट्रपति ट्रंप ने उस वक्त अमेरिका और चीन के बीच यात्रा बंद करने का निर्णय लिया था, लेकिन तक चीन स्क्वॉड ने कहा था कि हम ऐसा नहीं कर सकते हैं।

कई देशों के संपर्क में हैं राष्ट्रपति ट्रंप
चीन पर जुर्माना लगाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि ट्रंप सरकार इस पर भविष्य में फैसला लेगी। फिलहाल हमें यह सुनिश्चित करना है कि भविष्य में ऐसा कुछ ना हो। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने WHO के फंड पर रोक लगा दी है, ताकी उसकी कार्यप्रणाली की जांच हो सके। अमेरिका इस बात की जांच कर रहा है कि WHO का कौन सा विभाग काम कर रहा, कौन सा नहीं। उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप ने दुनियाभर के कई देशों में अपने समकक्षों से बात की है। ताकी कोरोना को लेकर जिसकी गलती है, उसकी जिम्मेदारी तय की जा सके। उन्होंने कहा कि चीन की कम्युनिस्ट पार्टी ने पश्चिमी देशों को लगातार धोखा दिया है।

अमेरिका ने दी रिश्ते खत्म करने की धमकी
दुनियाभर में अब तक 47 लाख लोग कोरोना वायरस की चपेट में आ चुके हैं। मौजूदा वक्त में अमेरिका कोरोना का केंद्र बना हुआ है, जहां अब तक 15 लाख से ज्यादा मामले सामने आए हैं। कोरोना की वजह से अमेरिका में 89 हजार लोगों की मौत भी हुई है। राष्ट्रपति ट्रंप कई मौकों पर कोरोना वायरस को चीनी वायरस कह चुके हैं। हाल में अमेरिका ने चीन के साथ पूरी तरह से रिश्ते खत्म करने की बात कही थी। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक चीन से रिश्ते खत्म होने पर अमेरिका के 500 बिलियन डॉलर बचेंगे। राष्ट्रपति ट्रंप ने भी साफ कह दिया था कि वो चीन में अपने समकक्ष शी जिनपिंग से अभी बात नहीं करना चाहते हैं।












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