President Election : हजारों ख्वाहिशें ऐसी...., कुल 115 लोगों ने भरा पर्चा, मुकाबला यशवंत vs द्रौपदी

रायसीन हिल्स की पहाड़ियां सबको आकर्षित करती हैं। राष्ट्रपति भवन में देश के प्रथम नागरिक बन कर जाने का सौभाग्य अब तक 16 हस्तियों को मिला है। अब 17वें राष्ट्रपति के लिए चुनाव होने हैं। कुल 115 ने नामांकन पत्र दाखिल हुए।

नई दिल्ली, 30 जून : राष्ट्रपति चुनाव 2022 सुर्खियों में है। भारत के राष्ट्रपति बनने के लिए द्रौपदी मुर्मू और यशवंत सिन्हा के अलावा 113 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमाने का प्रयास कर रहे थे। हालांकि, नामांकन पत्र वैध नहीं पाए जाने के कारण यशवंत सिन्हा और द्रौपदी मुर्मू को छोड़कर 105 नॉमिनेशन कैंसिल हो गए। जिन उम्मीदवारों ने राष्ट्रपति चुनाव में किस्मत आजमाने के प्रयास किए, उनमें कुछ के नामांकन मामूली चूक के कारण कैंसिल हुए। इससे पहले बुधवार को दो अन्य व्यक्तियों की ख्वाहिश अधूरी रह गई, जब सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने के बावजूद बमबम महाराज नौहट्टीया और एमची रेड्डी को राष्ट्रपति चुनाव लड़ने की अनुमति नहीं मिली।

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मिर्जा गालिब की गजल का एक अंश है, 'हजारों ख्वाहिशें ऐसी की हर ख्वाहिश पे दम निकले। बहुत निकले मिरे अरमां लेकिन फिर भी कम निकले।' दरअसल, राष्ट्रपति चुनाव के लिए कुल 115 नामांकन पत्रों की संख्या पर ये पंक्तियां सटीक लगती हैं। 115 नॉमिनेशन पेपर्स दाखिल किए गए। इनमें से 105 खारिज हो गए। केवल दो- एनडीए की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू और विपक्ष के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा के नामांकन ही वैध पाए गए। राज्यसभा महासचिव पीसी मोदी ने बताया कि राष्ट्रपति चुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने की प्रक्रिया 15 जून से शुरू हुई थी और 29 जून को समाप्त हुई।

15 हजार रुपये जमा करने की शर्त

बकौल पीसी मोदी, "72 उम्मीदवारों से संबंधित शेष 87 नामांकन पत्रों में 79 नॉमिनेशन को 30 जून को खारिज किया गया। इनमें धारा 5 बी (1) (ए) के तहत जांच के दौरान खामियां पाई गईं। गौरतलब है कि राष्ट्रपति और उप-राष्ट्रपति चुनाव अधिनियम, 1952 के तहत राष्ट्रपति चुनाव लड़ने के इच्छुक व्यक्ति को कम से कम 50 प्रस्तावकों (विधायक या सांसद) और 50 समर्थकों की जरूरत होती है। धारा 5सी के तहत, पंद्रह हजार रुपये की अपेक्षित राशि जमा करनी होती है। पीसी मोदी ने बताया कि 79 नॉमिनेशन पेपर्स में इन शर्तों को पूरा नहीं किया गया, इसलिए उम्मीदावारों के पर्चे खारिज कर दिए गए।

छोटी सी चूक, पेपर खारिज

पीसी मोदी ने कहा, "नामांकन पत्र दाखिल करने की अवधि के दौरान, मुझे 115 नामांकन पत्र प्राप्त हुए। इनमें से 26 उम्मीदवारों से संबंधित 28 नामांकन पत्र प्रस्तुति के समय ही राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति अधिनियम, 1952 की धारा 5 बी (4) के तहत खारिज कर दिए गए। नॉमिनेशन खारिज इसलिए हुए क्योंकि मतदाता सूची की प्रमाणित प्रति संलग्न नहीं थी।

भारत के 17वें राष्ट्रपति का ऐलान 21 जुलाई को

राज्य सभा महासचिव ने बताया द्रौपदी मुर्मू और यशवंत सिन्हा द्वारा दाखिल किया गया नामांकन वैध है। दोनों ने नामांकन की सभी कानूनी जरूरतें पूरी की हैं। उन्होंने कहा कि 2 जुलाई को उम्मीदवारी वापस लेने की अंतिम तिथि है। इसके बाद 'उम्मीदवारों की सूची' प्रकाशित की जाएगी। इसमें उम्मीदवारों के नाम के साथ उनका पता भी शामिल होगा। सूची भारत के राजपत्र और राज्य राजपत्र में भी प्रकाशित किए जाएंगे। पीसी मोदी ने बताया कि प्रेसिडेंट इलेक्शन 2022 के लिए मतदान 18 जुलाई को होगा और मतगणना 21 जुलाई को होगी।

क्या 8 उम्मीदारों के बीच मुकाबला ?

पीसी मोदी के मुताबिक यशवंत सिन्हा और द्रौपदी मुर्मू के नामांकन वैध हैं। एएनआई की इस रिपोर्ट के मुताबिक कुल 105 (79+26) नॉमिनेशन खारिज हुए हैं। ऐसे में अगर दो जुलाई को कोई उम्मीदवार अपना नाम वापस नहीं लेता तो कुल 8 उम्मीदवार चुनावी मैदान में बने रहेंगे।

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