संसद में पारित होने के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने तीन आपराधिक विधेयकों को दी मंजूरी
Three New Criminal Bills: संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान लोकसभा और राज्यसभा में सरकार ने तीन नए आपराधिक कानून बिल पास किए थे। जिनको अब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को मंजूरी दे दी है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने तीन आपराधिक विधेयकों - भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य विधेयक, 2023 को मंजूरी दी है।

जिसके बाद अब तीन नए क्रिमिनल लॉ औपनिवेशिक काल की भारतीय दंड संहिता (आईपीसी), दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम 872 की जगह लेंगे।
सरकार ने इस तीनों विधेयकों को पेश करते हुए कहा था कि इन कानूनों का उद्देश्य देश में आपराधिक न्याय प्रणाली को बदलना है, जिससे कि अंग्रेजों के जमाने से चले आ रहे कानूनों से आजादी मिल सके। इन कानूनों में राजद्रोह के अपराध को खत्म कर दिया गया है।
संसद के अंदर विधेयकों पर चर्चा का जबाव देते हुए गृहमंत्री अमित शाह ने अपने भाषण में कहा था कि कानून विधेयकों में इनमें सजा देने के बजाय न्याय देने पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
पीएम मोदी ने जानिए क्या कहा था?
150 साल पुराने 3 आपराधिक कानून में बदलाव को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय इतिहास में ऐतिहासिक क्षण बताया था। पीएम मोदी ने कहा कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023, भारतीय न्याय संहिता, 2023 और भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 का पारित होना हमारे इतिहास में एक महत्वपूर्ण क्षण है।
उन्होंने इसे औपनिवेशिक युग के कानूनों के अंत का प्रतीक बताते हुए सार्वजनिक सेवा और कल्याण पर केन्द्रित कानूनों से एक नए युग की शुरुआत बताया।












Click it and Unblock the Notifications