'नाबालिग गर्भवती की अस्पताल ले जाते समय मौत', कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने CM पर साधा निशाना

असम में बाल विवाह मामलों को लेकर कार्रवाई की जा रही है। जिसकी वजह से गर्भवती महिलाएं अस्पताल नहीं जा रही है। इसकी वजह से राज्य में गर्भवती किशोरियों की मौत का भी आरोप लग रहा है।

gaurav gogoi

कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने शुक्रवार को राज्य में बाल विवाह पर कार्रवाई के लिए असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पर निशाना साधा। क्योंकि एक 16 वर्षीय गर्भवती विवाहिता की बोंगाईगांव जिले के अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई थी। गोगोई ने ट्वीट करते हुए लिखा, "इस मासूम लड़की की मौत भारतीय जनता पार्टी (BJP) के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के हाथों हुई है, जिनके मूर्खतापूर्ण कदम के कारण गर्भवती किशोरियां प्रसव के लिए अस्पतालों से परहेज कर रही हैं। शिशु बिना मां के है और पिता जेल में है।"

गुरुवार को असम कैबिनेट ने बाल विवाह के खिलाफ अभियान के लिए पुलिस की सराहना की और इसे जारी रखने का निर्देश दिया। कांग्रेस सांसद ने यह भी दावा किया कि 18 साल से कम उम्र की लड़कियां, जो गर्भवती हैं, अपने बच्चे को घर पर ही जन्म देना पसंद कर रही हैं और वे अस्पताल नहीं जा रही हैं क्योंकि उन्हें अपने पिता और पति की गिरफ्तारी का डर है।

गौरव गोगोई ने कहा कि "आज, हमें पता चला कि एक किशोर मां की मृत्यु हो गई क्योंकि समुदाय और आशा कार्यकर्ताओं की अनुपस्थिति में बच्चे के जन्म के दौरान जटिलताओं के कारण उसकी मृत्यु हो गई। सामान्य परिवारों को भी लगता है कि आशा कार्यकर्ता सरकार और स्थानीय पुलिस को मामले की रिपोर्ट करेंगी, "।

Recommended Video

    Assam में Child Marriage के खिलाफ एक्शन, महिलाओं का फूटा गुस्सा, जानें पूरा मामला | वनइंडिया हिंदी

    एएनआई ने बताया कि राज्य कैबिनेट ने बाल विवाह के पीड़ितों के लिए 15 दिनों के भीतर पुनर्वास नीति को अंतिम रूप देने के लिए एक उप-समिति का भी गठन किया है। यह फैसला गुवाहाटी में हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में लिया गया।

    असम पुलिस ने अब तक राज्य भर में बाल विवाह से जुड़े मामलों में 2,763 लोगों को गिरफ्तार किया है। सरमा ने ट्वीट करते हुए लिखा, "बाल विवाह के खिलाफ हमारी कार्रवाई जारी है... इस सामाजिक बुराई के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। हम इस सामाजिक अपराध के खिलाफ अपनी लड़ाई में असम के लोगों का समर्थन चाहते हैं।"

    प्रजनन और बाल स्वास्थ्य (आरसीएच) पोर्टल के अनुसार इस सप्ताह की शुरुआत में उन्होंने इस कार्रवाई को सही ठहराया था और कहा था कि पिछले साल असम में 6.2 लाख से अधिक गर्भवती महिलाओं में से लगभग 17 प्रतिशत किशोर थीं।

    ये भी पढ़ें- गुवाहाटी हाईकोर्ट से MLA अखिल गोगोई को बड़ा झटका, NIA कोर्ट का आदेश खारिज, तय होंगे आरोप

    Notifications
    Settings
    Clear Notifications
    Notifications
    Use the toggle to switch on notifications
    • Block for 8 hours
    • Block for 12 hours
    • Block for 24 hours
    • Don't block
    Gender
    Select your Gender
    • Male
    • Female
    • Others
    Age
    Select your Age Range
    • Under 18
    • 18 to 25
    • 26 to 35
    • 36 to 45
    • 45 to 55
    • 55+