गांव से यूपीएससी तक: अंबेडकर नगर की पहली महिला IRS अधिकारी प्रतिभा चौधरी की प्रेरक कहानी
स्वर्गीय सेवाराम वर्मा और प्रभाती वर्मा की बेटी, प्रतिभा चौधरी, एक उच्च यूपीएससी रैंकिंग हासिल करने के बाद ग्रामीण पृष्ठभूमि से अम्बेडकर नगर की पहली महिला IRS अधिकारी बनीं। उनकी कहानी दृढ़ता, शिक्षा और लैंगिक सशक्तिकरण को उजागर करती है, जो गांवों में लड़कियों को महत्वाकांक्षी सिविल सेवा लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए प्रेरित करती है।
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर देशभर में महिलाओं के संघर्ष, साहस और उपलब्धियों को सम्मान दिया जाता है। यह दिन इस बात की याद दिलाता है कि जब बेटियों को अवसर मिलता है, तो वे न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे समाज और देश का नाम रोशन करती हैं। ऐसी ही प्रेरणादायक मिसाल हैं अंबेडकर नगर (उत्तर प्रदेश) की प्रतिभा चौधरी, जिन्होंने साधारण ग्रामीण पृष्ठभूमि से निकलकर जिले की पहली महिला IRS अधिकारी बनकर इतिहास रच दिया।

स्वर्गीय सेवाराम वर्मा और प्रभावती वर्मा की पुत्री प्रतिभा चौधरी का सफर चुनौतियों से भरा रहा। सीमित संसाधनों और सामाजिक कठिनाइयों के बीच उन्होंने अपने सपनों को जीवित रखा। ऐसे माहौल में जहां बेटियों की शिक्षा और करियर को लेकर अक्सर संदेह किया जाता है, प्रतिभा ने साबित कर दिया कि दृढ़ संकल्प के सामने कोई भी बाधा बड़ी नहीं होती। उनकी सफलता ने न केवल उनके परिवार बल्कि उनके शिक्षकों और बाबा बरुआदास कॉलेज, परुइया आश्रम, अंबेडकर नगर का भी नाम रोशन किया।
यूपीएससी की कठिन परीक्षा में सफलता
संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा देश की सबसे कठिन और प्रतिष्ठित परीक्षाओं में से एक मानी जाती है। प्रारंभ से ही मेधावी छात्रा रहीं प्रतिभा चौधरी ने दिल्ली के मुखर्जी नगर में रहकर दिन-रात मेहनत की। वर्ष 2010 की सिविल सेवा परीक्षा में सफलता हासिल कर उन्होंने भारतीय राजस्व सेवा (IRS - इनकम टैक्स) में स्थान प्राप्त किया और अंबेडकर नगर की पहली महिला IRS अधिकारी बनने का गौरव हासिल किया। यह उपलब्धि केवल उनकी व्यक्तिगत जीत नहीं, बल्कि पूरे जिले के लिए गर्व का क्षण बनी। उन्होंने यह संदेश दिया कि गांव की बेटियां भी बड़े सपने देख सकती हैं और उन्हें साकार कर सकती हैं।
नारी सशक्तिकरण का प्रतीक
प्रतिभा चौधरी की कहानी नारी सशक्तिकरण का सशक्त उदाहरण है। सशक्तिकरण केवल अधिकार पाने तक सीमित नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, शिक्षा और स्वतंत्र निर्णय लेने की क्षमता भी है। प्रशासनिक सेवा में पहुंचकर वे न केवल नीति क्रियान्वयन का हिस्सा बनीं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव की वाहक भी बनीं। उनकी सफलता यह साबित करती है कि बेटियां किसी से कम नहीं—उन्हें केवल अवसर और प्रोत्साहन की आवश्यकता है।
युवतियों के लिए संदेश
प्रतिभा का संदेश स्पष्ट है—
* अपने सपनों पर विश्वास रखें।
* कठिनाइयों से घबराएं नहीं।
* शिक्षा को अपनी सबसे बड़ी ताकत बनाएं।
उनकी कहानी समाज को भी यह सीख देती है कि बेटियों को समान अवसर देना केवल उनका अधिकार नहीं, बल्कि राष्ट्र की प्रगति के लिए अनिवार्य है।
वर्तमान में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी
वर्तमान में प्रतिभा चौधरी दिल्ली में आयकर विभाग में एडिशनल कमिश्नर (इनकम टैक्स) के पद पर कार्यरत हैं। व्यस्त प्रशासनिक जिम्मेदारियों के बावजूद वे अपने गृह जिले से जुड़ी हुई हैं और सामाजिक विकास तथा महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय योगदान दे रही हैं।
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर प्रतिभा चौधरी की यह प्रेरक यात्रा हमें सिखाती है कि संघर्ष से भरा रास्ता ही सफलता की ओर ले जाता है। अंबेडकर नगर की पहली महिला IRS अधिकारी बनकर उन्होंने यह साबित किया है कि जब नारी आगे बढ़ती है, तो समाज और राष्ट्र दोनों प्रगति की राह पर अग्रसर होते हैं।












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