राजनीति में प्रियंका की एंट्री पर जेडीयू के प्रशांत किशोर ने क्या कहा?
प्रियंका गांधी को पूर्वी यूपी का कांग्रेस महासचिव बनाए जाने पर प्रशांत किशोर ने बड़ी बात कही है।
नई दिल्ली। कांग्रेस ने 2019 के लोकसभा चुनाव से ठीक पहले प्रियंका गांधी को पूर्वी उत्तर प्रदेश में बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। यूपी में कई बड़े नेताओं को जिम्मेदारी सौंपते हुए कांग्रेस ने प्रियंका गांधी को महासचिव पद पर नियुक्त किया है। माना जा रहा है कि पूर्वी उत्तर प्रदेश की 27 लोकसभा सीटों को ध्यान में रखते हुए प्रियंका को यह जिम्मेदारी दी गई है। इस बीच चुनाव रणनीतिकार और जेडीयू नेता प्रशांत किशोर ने राजनीति में प्रियंका गांधी की एंट्री को लेकर ट्वीट किया है। नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार के चुनाव अभियानों की मुख्य कड़ी रहे प्रशांत किशोर ने प्रियंका को जिम्मेदारी दिए जाने पर बड़ी बात कही है।

मेरे लिए असली खबर यह है कि...
उत्तर प्रदेश के नए पदाधिकारियों में पूर्वी यूपी के महासचिव के तौर पर प्रियंका गांधी के नाम का ऐलान होने के तुरंत बाद प्रशांत किशोर ने ट्वीट करते हुए कहा, 'भारतीय राजनीति में सबसे ज्यादा प्रतीक्षित एंट्रियों में से आखिरकार एक का प्रवेश हो गया है! हालांकि लोग जिम्मेदारी दिए जाने के समय, सटीक भूमिका और पद पर बहस कर सकते हैं, लेकिन मेरे लिए असली खबर यह है कि आखिरकार उन्होंने राजनीति में आने का फैसला ले लिया! प्रियंका गांधी को बधाई और शुभकामनाएं।' आपको बता दें कि प्रशांत किशोर ने भी हाल ही में पिछले साल राजनीति में आने का फैसला लिया और जेडीयू की सदस्यता ग्रहण की। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उन्हें जेडीयू में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है।

बनाए गए तीन नए पदाधिकारी
गौरतलब है कि बुधवार को कांग्रेस ने 2019 के लोकसभा चुनाव को लेकर यूपी के नए पदाधिकारियों का ऐलान किया। इनमें मध्य प्रदेश काग्रेस के नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया को पश्चिमी यूपी का प्रभारी नियुक्त किया गया, जबकि केसी वेणुगोपाल को कांग्रेस महासचिव (संगठन) के तौर पर जिम्मेदारी दी गई। प्रियंका गांधी को पूर्वी यूपी में कमान सौंपी गई है। यहां गौर करने वाली बात यह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र वाराणसी भी पूर्वी उत्तर प्रदेश में आता है। ऐसे में सियासी जानकारों का कहना है कि पूर्वांचल में प्रियंका गांधी को जिम्मेदारी देना काफी हद तक 2019 के लोकसभा चुनाव के समीकरणों पर असर डालेगा।

क्या रायबरेली से चुनाव लड़ेंगी प्रियंका?
सियासी गलियारों में चर्चा यह भी है कि 2019 के लोकसभा चुनाव में रायबरेली से सोनिया गांधी की जगह प्रियंका को चुनावी मैदान में उतारा जा सकता है। दरअसल काफी समय से कार्यकर्ताओं के बीच प्रियंका गांधी को सक्रिय राजनीति में लाए जाने की मांग उठती रही है। पिछले दिनों भी इलाहाबाद में कार्यकर्ताओं ने प्रियंका को पार्टी में जिम्मेदारी दिए जाने के पोस्टर लगाए थे। ऐसे में प्रियंका को संगठन में जिम्मेदारी देना कांग्रेस के लिए काफी सकारात्मक साबित हो सकता है। प्रियंका गांधी ने 2004 के लोकसभा चुनाव में सोनिया गांधी के चुनाव प्रचार मैनेजर के रूप में कार्य किया था। 2007 के यूपी विधानसभा चुनावों में जब राहुल गांधी पूरे प्रदेश के चुनावी अभियान में लगे थे, तो प्रियंका ने अमेठी और रायबरेली की दस सीटों पर कमाल संभाली। 2009 और 2014 के लोकसभा चुनाव में भी प्रियंका ने अमेठी और रायबरेली में बड़े पैमाने पर प्रचार किया।












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