अब 2020 के बिहार चुनाव को लेकर प्रशांत किशोर का बड़ा बयान, कहा- जेडीयू को मिलें भाजपा से ज्यादा सीटें
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पटना। झारखंड विधानसभा चुनाव में बीजेपी की हार के बाद बिहार में एनडीए के घटक दल जनता दल (यूनाइटेड) ने प्रेशर पॉलिटिक्स शुरू कर दिया है। जेडीयू उपाध्यक्ष और रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने दूसरी बार कहा है कि साल 2004 से ही जेडीयू बड़ी पार्टी रही है और नीतीश कुमार बिहार का चेहरा हैं। चुनावी रणनीति बनाने में माहिर माने जाने वाले प्रशांत किशोर ने इसके पहले दावा किया था कि भाजपा के साथ सीटों के बंटावारे का आधार 2015 का चुनाव नहीं, 2010 का विधानसभा चुनाव होगा।

2004 से जेडीयू बड़ी पार्टी- प्रशांत किशोर
बिहार विधानसभा चुनाव में लगभग 10 महीने का वक्त बाकी है, लेकिन झारखंड में बीजेपी की हार के बाद जेडीयू ने अपने सहयोगी दल पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है। प्रशांत किशोर ने कहा कि बीजेपी के साथ गठबंधन में भी जेडीयू ने बड़ी पार्टी की हैसियत से चुनाव लड़ा है। 2004 और 2009 के विधानसभा चुनाव में भी जेडीयू ने बीजेपी से अधिक सीटों पर जीत हासिल की थी। उन्होंने कहा कि जेडीयू साल 2004 से बड़ी पार्टी रही है।
बीजेपी-जेडीयू के बीच सीटों का बंटवारा बराबर संभव नहीं- प्रशांत किशोर
इसके पहले जेडीयू उपाध्यक्ष ने कहा था कि अभी तो चुनाव में एक साल का वक्त है। एनडीए गठबंधन में जदयू सबसे बड़ी पार्टी है, इसलिए सीटों के तालमेल में उसकी बड़ी भागेदारी होगी। उन्होंने कहा था कि बीजेपी के साथ लड़ने के समय जो फॉर्मूला था (2010 वाला) वही रहेगा।' उन्होंने कहा था कि, 'इस हिसाब से 101 सीटों पर बीजेपी और 140 या 141 सीट पर जेडीयू चुनाव लड़ सकती है।'

झारखंड चुनाव के बाद जेडीयू बना रही बीजेपी पर दबाव
वहीं, झारखंड में जेडीयू की करारी हार पर उन्होंने सफाई दी थी कि वहां जेडीयू का कोई आधार ही नहीं था औऱ सिर्फ बैनर-पोस्टर के दम पर चुनाव नहीं लड़े जा सकते। उन्होंने कहा कि लोकसभा और विधानसभा चुनाव में अलग-अलग समीकरण होते हैं, बिहार में विधानसभा चुनाव के लिए नीतीश कुमार चेहरा हैं और उनके नेतृत्व में ही चुनाव लड़ा जाएगा। इस दौरान प्रशांत किशोर ने साफ किया कि दोनों दलों के बीच सीटों का बराबर-बराबर बंटवारा होने का सवाल ही नहीं है।












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