CAB पर नीतीश को खरी-खरी सुनाने के बाद AK के साथ आ रहे हैं PK

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    Citizenship Act: JDU में घमासान, Prashant Kishor छोड़ेंगे पार्टी । वनइंडिया हिंदी

    नई दिल्ली। नागरिकता कानून पर जदयू के मोदी सरकार के पक्ष में वोट करने के बाद पार्टी उपाध्यक्ष और रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने सीएम नीतीश कुमार पर हमला बोला था। वहीं, नागरिकता कानून पर जदयू के खिलाफ जाकर बयानबाजी करने के बाद प्रशांत किशोर ने एक और बड़ा कदम उठाया है। प्रशांत किशोर ने दिल्ली में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव के लिए अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी से हाथ मिलाया है।

    AAP के लिए चुनावी रणनीति बनाएंगे प्रशांत किशोर

    AAP के लिए चुनावी रणनीति बनाएंगे प्रशांत किशोर

    मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी। उन्होंने लिखा, 'ये बताते हुए खुशी हो रही है कि इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (I-PAC) हमारे साथ जुड़ रही है। आपका स्वागत है।' वहीं, आई-पैक की तरफ से ट्वीट कर कहा गया, 'पंजाब के नतीजों के बाद, हमने आपको सबसे कठिन प्रतिद्वंद्वी के रूप में स्वीकार किया, जिसका हमने चुनाव में सामना किया। अरविंद केजरीवाल के साथ जुड़कर खुशी हुई।'

    कई दलों के साथ काम कर चुके हैं प्रशांत किशोर

    I-PAC रणनीतिकार प्रशांत किशोर की एजेंसी है जो राजनीतिक दलों का चुनाव कैंपेन संभालती है। सूत्रों के मुताबिक, अरविंद केजरीवाल और प्रशांत किशोर के बीच इसको लेकर काफी समय से बात चल रही थी। प्रशांत किशोर ने हाल ही में नागरिकता कानून को लेकर जदयू प्रमुख और सीएम नीतीश कुमार पर निशाना साधा था। प्रशांत किशोर के बयान पर जदयू में घमासान छिड़ गया है। प्रशांत किशोर पहले भी कई दलों के साथ काम कर चुके हैं। साल 2014 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने नरेंद्र मोदी के लिए चुनावी रणनीति बनाई थी।

    जदयू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी हैं प्रशांत किशोर

    इसके बाद उन्होंने 2015 के बिहार चुनाव में नीतीश कुमार के नेतृत्व वाले महागठबंधन के लिए काम किया। यहीं नहीं, उन्होंने 2017 के पंजाब विधानसभा चुनाव में कांग्रेस कैप्टन अमरिंदर सिंह के लिए भी चुनावी रणनीति बनाई थी। इसी साल संपन्न हुए आंध्र प्रदेश विधानसभा चुनाव में उन्होंने जगनमोहन रेड्डी के चुनाव प्रचार की कमान भी अपने हाथों में ली थी। इसके अलावा प्रशांत किशोर ने 2017 में यूपी विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस के लिए काम किया था। इस चुनाव में कांग्रेस ने सपा के साथ हाथ मिलाया था। यूपी के अलावा बाकी सभी चुनावों में प्रशांत किशोर को बड़ी कामयाबी मिली है। बता दें कि प्रशांत किशोर ममता बनर्जी के लिए लिए भी चुनावी रणनीति बना रहे हैं। वे नीतीश कुमार की पार्टी जदयू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी हैं।

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