Maharashtra politics: अजित पवार के बाद प्रफुल्ल पटेल की बारी, इस वजह से केंद्र में बन सकते हैं मंत्री
अजित पवार और शरद पवार के रिश्तों में पहले भी कई बार दरार दिख चुकी है। लेकिन, एनसीपी के वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल पटेल पार्टी सुप्रीमो के सबसे खास और ओहदेदार लेफ्टिेंट में रहे हैं। तीन हफ्ते पहले तक जब उत्तराधिकारी तय करने की भी बारी आई तो शरद पवार ने अपनी बेटी सुप्रिया सुले के अलावा प्रफुल्ल पटेल पर ही भरोसा किया और कार्यकारी अध्यक्ष बनाया।
रविवार को जब प्रफुल्ल पटेल अजित पवार के साथ मुंबई के राजभवन में नजर आए तो वह किसी के लिए यकीन करना असंभव था। क्योंकि, बड़े पवार उनपर इतना भरोसा करते रहे हैं कि 23 जून को पटना में विपक्षी दलों की बैठक में भी सुप्रिया सुले के साथ उन्हें ही ले गए थे। अब दिल्ली से मुंबई तक उनके पाला बदलने को लेकर बड़ी बात सामने आ रही है।

केंद्र में मंत्रिपरिषद के विस्तार की अटकलें
पिछले कुछ दिनों से यह चर्चा जोर पकड़ रही है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी मंत्रिपरिषद का विस्तार कर सकते हैं। क्योंकि, कई सहयोगी दलों को भी इसका बेसब्री से इंतजार है। वहीं एनडीए के कुछ पुराने सहयोगियों की भी वापसी की अटकलें हैं। अपने पहले कार्यकाल में पीएम मोदी ने तीन-तीन बार मंत्रपरिषद में फेरबदल किया था। लेकिन, मौजूदा कार्यकाल में जब साल भर से भी कम बच गए हैं, ऐसा एक ही बार हुआ है।
प्रफुल्ल पटेल के केंद्र में मंत्री बनने की चर्चा
महाराष्ट्र में सत्ताधारी शिवसेना की केंद्र सरकार में नुमाइंदगी की चर्चा बहुत दिनों से चल रही है। अब उसमें एनसीपी का भी नाम जुड़ गया है और कयास लगाए जा रहे हैं कि गुरु पूर्णिमा से एक दिन पहले राजनीतिक गुरु को टाटा-टाटा-बाय-बाय कहने वाले प्रफुल्ल पटेल का भी नाम उसमें हो सकता है।
संसद के मानसून सत्र से पहले हो सकता है विस्तार
यूपीए सरकार के दौरान पटेल नागरिक उड्डयन और भारी उद्योग एवं सार्वजनिक उद्यम जैसे भारी-भरकम मंत्रालय का जिम्मा संभाल चुके हैं। हालांकि, मोदी मंत्रिपरिषद में फेरबदल को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है। लेकिन, संभावना है कि 17 जुलाई से शुरू हो रहे मानसून सत्र से पहले ऐसा हो सकता है। वैसे सोमवार से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू तीन राज्यों के दौरे पर हैं और वह 7 जुलाई को राजधानी लौटने वाली हैं। ऐसे में अगर किसी तरह के मंत्रिपरिषद में विस्तार का कोई फैसला होता है तो वह राष्ट्रपति की वापसी के बाद ही हो सकता है।
प्रफुल्ल पटेल अभी कर रहे हैं अटकलों को खारिज
वैसे, जहां तक प्रफुल्ल पटेल की बात है तो वह फिलहाल इस तरह की अटकलों को खारिज कर रहे हैं। सोमवार को जब उनसे मुंबई में पूछा गया कि क्या आप दिल्ली जा रहे हैं तो उन्होंने कहा, 'नहीं हम अब फैसला करेंगे...शपथग्रहण के बाद आज पहला दिन है.....।' जब उनसे केंद्र में मंत्री बनने के बारे में सवाल किया गया तो वे बोले, 'यह प्रश्न नहीं है...दिल्ली के बारे में हमने कोई चर्चा नहीं की है....हमनें सिर्फ महाराष्ट्र में हमारी सरकार के गठन पर चर्चा की है...जो कि किया गया है...'
महाराष्ट्र से यूपी के बाद सबसे ज्यादा सांसद चुने जाते हैं
महाराष्ट्र में लोकसभा की 48 सीटें हैं। यूपी के बाद यह दूसरा राज्य है, जहां से सबसे ज्यादा सांसद चुनकर संसद पहुंचते हैं। पिछले दिनों जिस तरह से पीएम मोदी और बीजेपी के खिलाफ कुछ विपक्षी दलों ने सारे आपसी मतभेद को ठंडे बस्ते में रखकर हाथ मिलना शुरू किया है, उसके बाद भाजपा के लिए चुनौती बढ़ गई है।
बीजेपी के लिए महाराष्ट्र का किला मजबूत करना जरूरी
लेकिन, अब उसके साथ यहां दो-दो सहयोगी हैं, सीएम एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना और अजित पवार की अगुवाई वाली एनसीपी। जाहिर है कि महाराष्ट्र का किला और मजबूत करने के लिए भाजपा के सामने इन्हें केंद्र सरकार में जगह देना जरूरी हो गया है।
इस वजह से पटेल केंद्र में बन सकते हैं मंत्री
2024 के लोकसभा चुनावों के बाद महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव भी होने हैं। उससे पहले इसी साल बीएमसी का चुनाव भी होने की संभावना है। रविवार को महाराष्ट्र में जो कुछ हुआ, उसके पीछे इन चुनावों का बहुत बड़ा रोल है। ऐसे बीजेपी के लिए राज्य के दोनों अहम सहयोगियों को नजरअंदाज करना आसान नहीं होगा। और जब एनसीपी कोटे से केंद्र में मंत्री बनाने की बात आएगी तो प्रफुल्ल पटेल स्वाभाविक नाम नजर आते हैं।












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