जेएनयू में दिखा कश्मीर की आजादी का पोस्टर, प्रशासन ने हटाया
डीएसयू वही छात्र संगठन है जिसके सदस्य उमर खालिद, अनिर्बान भट्टाचार्य और अन्य के खिलाफ 9 फरवरी 2016 को एक रैली में देश विरोधी नारे लगाने का आरोप लगा था।
नई दिल्ली। कश्मीर की आजादी को लेकर दिल्ली की जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) में गुरुवार को एक बार फिर पोस्टर दिखा। इसके चलते जेएनयू प्रशासन एक बार फिर परेशान नजर आया। स्कूल ऑफ सोशल साइंस के नए ब्लॉक की दीवार पर ये पोस्टर लगाया गया था। कुछ छात्रों ने पोस्टर देखने के बाद प्रशासन को इसकी सूचना दी।

सुरक्षाकर्मियों से हटवाए पोस्टर
वामपंथी संगठन डेमोक्रेटिक स्टूडेंट यूनियन (DSU) की ओर से लगाए गए पोस्टर में लिखा था, 'कश्मीर के लिए आजादी। फिलिस्तीन को आजाद करो, खुद फैसले लेने की आजादी जिंदाबाद।' सूचना मिलने पर जेएनयू प्रशासन ने गुरुवार शाम सुरक्षाकर्मियों से वह पोस्टर हटवा दिया।
पुलिस ने दर्ज किया था देशद्रोह का केस
डीएसयू वही छात्र संगठन है जिसके सदस्य उमर खालिद, अनिर्बान भट्टाचार्य और अन्य के खिलाफ 9 फरवरी 2016 को एक रैली में देश विरोधी नारे लगाने का आरोप लगा था। यह रैली संसद भवन पर हमले के दोषी आतंकी अफजल गुरु और अलगाववादी नेता मकबूल भट्ट को फांसी दिए जाने के खिलाफ आयोजित की गई थी। रैली में देश विरोधी नारे लगाए जाने पर पुलिस ने उनके खिलाफ देशद्रोह का केस दर्ज किया था।
दूसरे वामपंथी छात्र संगठन से जुड़े एक छात्र ने कहा, 'पोस्टर वहां बीते तीन-चार दिन से लगा था। लेकिन इसमें कोई नई बात नहीं है। डीएसयू ऐसे पोस्टर लगाता रहता है।'












Click it and Unblock the Notifications