हॉलीवुड फिल्म 'फास्ट एंड फ्यूरियस' देखकर सीखी थी चोरी, ढाई मिनट में पार कर देते थे पूरा ATM

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    Fast & Furious देखकर सीखी थी चोरी, मिनटों में उड़ा देते थे ATM | वनइंडिया हिंदी

    पुणे। महाराष्ट्र के पुणे में कुछ दिनों से एटीएम मशीन सहित लाखों की चोरी करने की घटना घटी थी। ये चारी हॉलीवुड फिल्म फास्ट एंड फ्यूरियस देखकर उससे एटीएम मशीन चोरी करने की तकनीक सीखकर की गई थी। पुणे पुलिस ने इस हाइटेक चोरी का खुलासा कर दिया है। पुणे पुलिस ने एटीएम मशीन चोरी करनेवाली गैंग को उनकी ही टेकनिक को मात देते हुए गिरफ्तार किया है। बड़ी सफाई से यह गैंग एटीएम मशीन चोरी करके फरार हो जाती थी और आसपास के लोगों को इसकी भनक भी नहीं लगती थी। इस चोरी को अंजाम देनेवाली गैंग खुद हैरान है कि इतनी सफाई से चोरी करने के बाद आखिरकार पुलिस हम तक कैसी पहुंची। लोन चुकाने के लिए यह गैंग इस बड़ी चोरी को अंजाम दिया करती थी।

    चुराए थे पुणे के कई एटीएम

    चुराए थे पुणे के कई एटीएम

    एटीएम मशीन सहित लाखों की चोरी करनेवाली यह गैंग काफी दिनों से पुणे में सक्रिय थी, पुणे में एक्सिस बैंक के दो एटीएम मशीन सहित लाखों रूपए कैश चोरी करने की घटना हाल ही में घटी थी। कोंढवा पुलिस ने आखिरकार इस गैंग को गिरफ्तार कर लिया, इसी गैंग द्वारा एटीएम मशीन चोरी करने की और सात घटनाओं का भी खुलासा किया गया है। पुलिस ने इस मामले में दिलीप आनंद मोरे (निवासी कोल्हापुर), शिराज महमूद बेग जमादार, मोहिद्दीन जाफर बेग जमादार, दादापीर मकदुमदार तहसीलदार और मलिकजान कुतुबुद्दीन हनिकेरी (सभी निवासी कर्नाटक) इन सभी को कोल्हापुर से गिरफ्तार किया है।

    ऐसे देते थे चोरी को अंजाम

    ऐसे देते थे चोरी को अंजाम

    इस चोरी की प्लानिंग इस गैंग ने बहुत पहले से की थी। इस चोरी का मास्टर माइंड दिलीप मोरे 1993 में चंदन चोरी के मामले में जेल की हवा खा चुका है, इस मामले में कोर्ट केस के दौरान उसकी पहचान गैंग के बाकी लोगों से हुई थी। 2012 में एक स्कॉर्पियो गाड़ी चोरी की थी, इस गैंग में एक साथीदार ट्रक मैकनिक है, जिसकी मदद से इन सभी ने स्कॉर्पियों का गाड़ी को मॉडिफाइड करके चोरी करने के उद्देश्य से गाड़ी को नई तकनीक दी गई थी। गाड़ी में हायड्रॉलिक नामक ऑटोमिटक सिस्टिम बैठाया गया था, जिसके जरिए स्कॉर्पियों गाड़ी के अंदर एटीएम मशीन अपने आप अंदर चली जाती थी। इस चोरी को अंजाम देने से पहले एटीएम सेंटर की रेकी करने के बाद वहां पर मौजूद सीसीटीवी कैमरे का वायर कट कर दिया जाता था। साथ ही यह सभी अपने-अपने मोबाइल स्विच ऑफ करके चोरी करते थे, जिससे पुलिस को चोरों का लोकेशन और उनकी पहचान का लिंक न मिल सके। एटीएम मशीन में हुक लगाने के बाद गाड़ी को झटका दिया जाता था, जिससे एटीएम मशीन सीधे गाड़ी के अंदर चला जाता था। इस तकनीक के जरिए सिर्फ ढाई मिनट में यह पूरी चोरी की अंजाम दिया जाता था।

    कहां कहां चुराए थे एटीएम मशीन

    कहां कहां चुराए थे एटीएम मशीन

    - 2014 में सोलापुर-सांगोला रोड पर बेगमपुर स्थित आईडीबीआई बैंक के एटीएम मशीन की चोरी करके साढ़े तीन लाख रुपए की चोरी की गई थी। उसके बाद मशीन को सोलापुर में फेंक दिया गया था।
    - सातारा जिले के दहीवडी के पास गोंदवले गांव से बैंक ऑफ महाराष्ट्र के एटीएम मशीन को चोरी करके सवा पांच लाख रुपए की चोरी की गई थी।
    - सातारा जिला के विटा-मायनी रोड पर बैंक ऑफ बड़ोदा के एटीएम मशीन की चोरी करके सवा तीन लाख रुपए की चोरी की गई थी।
    - करहाड हाइवे के पास स्टेट बैंक का एटीएम तोड़कर सवा लाख की चोरी की थी।
    - कागल-गारगोटी रोड पर फेडरेल बैंक के एटीएम मशीन तोड़कर एक लाख 70 हजार की चोरी की थी।
    - 8 अक्टूबर 2017 को पुणे के खड़ी मशीन चौक से एटीएम मशीन चोरी करके 16 लाख 48 हजार रुपए की चोरी की गई थी। उसके बाद वहीं से एटीएम मशीन चोरी करके साढ़े चार लाख की चोरी की गई थी।
    इस तरह की चोरी करके 40 से 45 लाख रुपए की चोरी इस गैंग ने पुणे से की थी. आरोपी दिलीप मोरे का कोल्हापुर महालक्ष्मी मंदिर के पास यात्री होटल है, जिसके लिए बैंक से लोन लिया था. चोरी के पैसों से ही लोन भी चुकता किया गया था।

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