शाहबानो केस की वजह से गाड़ी उलटी चल रही थी, लेकिन इसी सदन उसे ठीक किया: पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज यानी मंगलवार को पुराने संसद भवन के सेंट्रल हॉल में अपना संबोधन दिया। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि कहा कि मेरा एक सुझाव है। अब जब हम नई संसद में जा रहे हैं तो पुराने भवन की गरिमा कभी कम नहीं होनी चाहिए। इसे छोड़ना नहीं चाहिए बिल्कुल पुराने संसद भवन की तरह। इसलिए मेरा आग्रह है कि यदि आप सहमत हैं तो इसे 'संविधान सदन' के नाम से जाना जाना चाहिए।
अपने 40 मिनट के संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 1947 में अंग्रेजों ने यहीं सत्ता का हस्तांतरण किया था, हमारा सेंट्रल हॉल उस ऐतिहासिक क्षण का गवाह है। पुराने संसद भवन में पारित किए गए कई महत्वपूर्ण कानूनों को याद करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि शाहबानों केस की वजह से गाड़ी कुछ उलटी चल गई थी। इसी सदन ने हमारी उस गलती को ठीक किया है। भारत अब रुकने वाला नहीं है। अब हम पुराने कानून से मुक्ति पाकर नए कानून की तरफ जा रहे हैं। संसद में बनने वाला हर एक कानून भारतवासी के लिए होना चाहिए। नीचे पढ़ें क्या था शाहबानो का मामला

बता दें कि शाहबानो को 43 साल लंबे वैवाहिक जीवन के बाद उनके पति ने घर से बाहर निकाल दिया था। दोनों का निकाह हुआ था 1932 में। 1975 में एक दिन शाहबानो को अपनी ससुराल का घर छोड़ना पड़ा। उन्होंने अप्रैल 1978 में इंदौर की एक अदालत में याचिका दायर की, 500 रुपये मासिक गुजारा भत्ता के लिए। इसी साल अहमद ने शाहबानो को तलाक दे दिया था। इसके बाद से शाहबानो को न्याय कि लिए भटकना पड़ा था।
भारत अब रुकने वाला नहीं: पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा कि 1952 के बाद दुनिया के करीब 41 राष्ट्राध्यक्षों ने सेंट्रल हॉल में आकर हमारे माननीय सांसदों को संबोधित किया है। हिंदुस्तान युवाओं का मुल्क है। पीएम मोदी ने कहा कि भारत अब रुकने वाला नहीं है। अब हम पुराने कानून से मुक्ति पाकर नए कानून की तरफ जा रहे हैं। संसद में बनने वाला हर एक कानून भारतवासी के लिए होना चाहिए।












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