राष्ट्रपति के अभिभाषण पर राज्यसभा में पीएम मोदी का जवाब, पढ़िए भाषण की बड़ी बातें

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर राज्यसभा में धन्यवाद भाषण दिया। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया की नजर भारत पर है, भारत से उम्मीदे हैं, लोगों को इस बात का भरोसा है कि धरती की बेहतरी के लिए भारत अपनी भूमिका निभाएगा। पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना के समय हमने एकजुट होकर इससे लड़ाई लड़ी। जिस देश को थर्ड वर्ल्ड के तौर पर गिना जाता था, वो देश कोरोना की वैक्सीन लेकर आता है, इतने कम समय में हमारे वैज्ञानिकों ने ये करके दिखाया। ऐसे प्रयासों पर आज देश गर्व कर सकता है, दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान हमारे देश में हो रहा है।

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भाषण की बड़ी बातें

  • पिछले कुछ समय से इस देश में एक नई बिरादरी सामने आई है, वो है आंदोलनजीवी। ये लोग वकीलों के आंदोलन, मजदूरों के आंदोलन में हर जगह नजर आएंगे। ये पूरी टोली है जो आंदोलन के बिना जी नहीं सकते हैं, हमे ऐसे लोगों को पहचानना होगा, लोगों को गुमराह करते हैं, देश आंदोलनजीवी लोगों से बचे, ऐसे लोगों को पहचानने की आवश्यकता है, ये सारे आंदोलनजीवी परजीवी होते हैं।
  • देश प्रगति कर रहा हूं, हम एफडीआई की बात कर रहे हैं। देश में एक नया एफडीआई आया है, जिससे हमे बचना होगा, यह है फॉरेन गाय डिस्ट्रक्टिव आइडियोलॉजी, हमे इससे बचना होगा। हमे और जागरूक रहने की जरूरत है।
  • पशुपालन करने वाले किसानों के लिए हमने अभियान चलाया है, हमने मत्सपालन के लिए अलग मंत्रालय बनाया
  • हम अगर देर कर देंगे, अगर हम अपने राजनीतिक समीकरण में फंसे रहेंगे तो किसानों को अंधेरे में ढकेल देंगे, हमे किसानों की चिंता करनी होगी।
  • मैं विश्वास दिलाता हूं कि मंडिया अधिक आधुनिक बनें, अधिक प्रतिस्पर्धी रहें, यही नहीं एमएसपी था,एमएसपी है और एमएसपी रहेगा। जिन 80 करोड़ लोगों को सस्ते में राशन दिया जाता है वह भी जारी रहेगा। इसलिए मेहरबानी करके भ्रम फैलाने के काम में हम ना जुड़े।
  • आंदोलन करना आपका हक है, लेकिन जिस तरह से बुजुर्ग आंदोलन में बैठे हैं वो ठीक नहीं है। चर्चा के माध्यम खुले हैं, मैं आज भी इस सदन के माध्यम से यह कह रहा हूं। ये बात निश्चित है कि हमारी खेती को खुशहाल बनाने के लिए हमे नीति बनानी चाहिए, हमे आगे बढ़ना चाहिए, देश को पीछे नहीं ले जाना चाहिए। इन सुधारों को मौका देना चाहिए और देखना चाहिए कि इस परिवर्तन से लाभ होता है या नहीं। कोई कमी या ढिलाई हो तो उसे ठीक करेंगे।
  • हर किसी ने कृषि सुधार की वकालत की है, शरद पवार जी ने कहा था कि मैं सुधारों के पक्ष में हूं, उन्होंने पद्धति पर विरोध किया है लेकिन सुधारों का नहीं।
  • हमने किसान रेल की शुरुआत की, जिससे छोटा किसान अपनी फसल दूसरे राज्यों में भेज रहा है, इससे छोटे किसानों को सीधा लाभ हो रहा है।
  • हमने प्रधानमंत्री सम्मान निधि योजना की शुरुआत की, जिससे सीधे किसान को मदद मिली। 10 करोड़ किसानों को इसका लाभ मिला। अगर बंगाल में राजनीति आड़े ना आती तो यह आंकड़ा उससे भी ज्यादा होता।
  • पहले की फसल बीमा योजना यह थी कि वह बीमा बैंक गारंटी के तौर पर काम करता था, यह भी उन किसानों के लिए था जो बैंक से लोन लेते थे, इससे भी छोटे किसान को लाभ नहीं होता था। किसान क्रेडिट कार्ड का भी लाभ बड़े किसानों को होता है, छोटे किसान के नसीब में यह नहीं था। हमने तय किया हम हर किसान को किसान क्रेडिट कार्ड देंगे। पौने दो करोड़ किसानों तक किसान क्रेडिट कार्ड पहुंच चुका है।
  • चुनाव आते ही हम कर्जमाफी का कार्यक्रम करते हैं। इससे छोटे किसान को लाभ नहीं होता क्योंकि वह लोन नहीं लेता। भले ही हमने राजनीतिक की लेकिन कर्जमाफी से छोटे किसान को कोई लाभ नहीं मिलता है।
  • चौधरी चरण सिंह ने कहा था, ऐसे किसान जिनके पास एक हेक्टेअर से कम जमीन होती है उनकी संख्या 61 फीसदी हो चुकी है, लघु और सीमांत किसान की बात करें तो 86 फीसदी किसानों के पास 2 हेक्टेअर से कम जमीन है, क्या इन 12 करोड़ किसानों के प्रति हमारी कोई जिम्मेदारी नहीं है। चौधरी चरण सिंह ने हमारे लिए यह सवाल छोड़े हैं, हमे इसका हल ढूंढना होगा और यही उनके प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
  • चौधरी चरण सिंह अक्सर 1970-71 कृषि जनगणना का जिक्र करते थे, वो कहते थे, किसानों का सेंसस लिया गया तो 33 फीसदी किसान ऐसे हैं जिनके पास जमीन 2 बीघे से कम है, 2 बीघे नहीं है। 18 फीसदी किसानों के पास 2-4 बीघे जमीन है, यानि 51 फीसदी किसान वों हैं जिनके पास तकरीबन आधा हेक्टेअ खेत हैं। चाहे वो जितनी मेहनत करें उनका जीवनयापन नहीं हो सकता है।
  • सदन में किसान आंदोलन की भरपूर चर्चा हुई है, ज्यादा से ज्यादा जो बताया गया वो आंदोलन को लेकर बताया गया, किस बात पर आंदोलन हो रहा यह नहीं बताया गया। अच्छा होता मूलभूत बात पर विस्तार से चर्चा होती
  • पीएम ने कहा कि मुझे खुशी है कि 10 करोड़ से ज्यादा शौचालय बने हैं, 41 करोड़ से ज्यादा लोगों के बैंक खाते खुले हैं, दो करोड़ से अधिक गरीबों के घर बने हैं, 8 करोड़ से अधिक मुफ्त गैस कनेक्शन दिए गए हैं, 5 लाख रुपए तक गरीबों को इलाज के लिए योजना शुरू की गई है। ऐसी अनेक योजनाएं गरीबों को संबल दे रही हैं।
  • जिस तरह से विपक्ष ने भारत के लोकतंत्र को लेकर सरकार पर हमला बोला था, उसपर पीएम मोदी ने पलटवार किया। पीएम मोदी ने कहा कि भारत लोकतंत्र की जननी है, हम सिर्फ बड़ा लोकतंत्र हैं ऐसा नहीं है, ये देश लोकतंत्र की जननी है। हमे आने वाली पीढ़ियों को यह सिखाना होगा और हमे इसे गर्व से बताना होगा।
  • भारत की शासन व्यवस्था लोकतांत्रिक है, भारत की संस्कृति, परंपरा, भारत का मन लोकतांत्रिक है, इसलिए हमारा देश लोकतंत्र है। आपातकाल के उन दिनों को याद कीजिए, न्यायपालिका, मीडिया, शासन का क्या हाल था, सबकुछ जेलखाने में परिवर्तित हो चुका था। लेकिन इस देश का संस्कार, जनमन लोकतंत्र के संस्कारों से भरा था, मौका मिलते ही लोगों न लोकतांत्रिक मूल्यों को स्थापित किया। यह हमारी ताकत है, यह हमारा मूल है। हमे लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करते हुए आगे बढ़ना है।
  • आत्मनिर्भर भारत पर पीएम मोदी ने कहा कि आर्थिक क्षेत्र में भी आज भारत की जो पहुंच बन रही है, कोरोना काल में दुनिया के लोग निवेश के लिए तरस रहे हैं, वहां भारत में रिकॉर्ड निवेश हो रहा है। अनेक देशों की अर्थस्थिति डावाडोल है, लेकिन भारत दो अंकों की जीडीपी का अनुमान लगा रही है। भारत आज दुनिया में दूसरा बड़ा देश है जहां पर इंटरनेट यूजर हैं।
  • भारत में आज हर महीने 4 लाख करोड़ रुपए का लेनदेन डिजिटली हो रहा है, यूपीआई के माध्यम से हो रहा है। दो-तीन साल पहले लोग इस सदन में कह रहे थे कि लोगों के पास फोन कहां है लोग कैसे डिजिटल पेमेंट करेंगे, लेकिन देश की ताकत देखिए। भारत मोबाइल फोन के निर्माता के तौर पर दूसरा सबसे बड़ा देश बना है।

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