प्रश्नकाल रद्द करने वाली मोदी सरकार, छात्रों को JEE-NEET एग्जाम देने पर कर रही मजबूर: ओवैसी
नई दिल्ली। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने एनईईटी और जेईई परीक्षाओं को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधा है। शनिवार को उन्होंने अपने एक बयान में आरोप लगाते हुए कहा, संसद के आगामी मानसून सत्र में कोरोना वायरस का हवाला देकर प्रश्नकाल रद्द करने वाली केंद्र सरकार आज नीट और जेईई छात्रों को परीक्षा देने पर मजबूर कर रही है। बता दें कि 14 सितंबर से संसद का मानसून सत्र शुरू हो रहा है। कोरोना वायरस के चलते इस बार सिर्फ 30 मिनट का प्रश्नकाल रखा गया है।

प्रश्नकाल के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि एक तरफ नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली मोदी सरकार संसद के मानसून सत्र में प्रश्नकाल में सवालों का जवाब नहीं देना चाहती, वहीं दूसरी ओर आप छात्रों से चाहते हैं कि वह संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई) और राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) के सवालों का जवाब लिखो। यह उनका शासन है। असदुद्दीन ओवैसी ने पूर्वी लद्दाख में भारत-चीन के बीच जारी तनाव को लेकर भी मोदी सरकार पर निशाना साधा।
उन्होंने कहा, हम नहीं जानते कि संसद में हमें कोरोना वायरस और पूर्वी लद्दाख में जो हो रहा है उस पर सवाल उठाने का मौका मिलेगा या नहीं क्योंकि मानसून सत्र में कोई प्रश्नकाल नहीं होगा। उन्होंने कहा कि बहुमत के कारण सरकार अध्यादेश लाकर उन्हें कानून बना सकती है। ओवैसी ने आगे कहा, आदर्श स्थिति में प्रश्नकाल होना चाहिए। कई देशों के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति कोरोना वायरस संकट पर प्रेसवार्ता कर रहे हैं। वहीं भारत के पीएम मोदी सिर्फ वीडियो संदेश देते हैं। आपको बता दें कि 17वीं लोकसभा का चौथा सत्र 14 सितंबर को शुरू होने जा रहा है, जो 1 अक्टूबर तक चलेगा।
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