Kartarpur Corridor: पीएम मोदी ने कहा, 'कॉरिडोर के लिए पाकिस्तान के पीएम इमरान खान नियाजी का शुक्रिया'
गुरदासपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को उन 500 भारतीय तीर्थयात्रियों के पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाई जो करतारपुर कॉरिडोर के जरिए पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में स्थित गुरुद्वारा दरबार साहिब जाएंगे। गुरुनानक देव के 550वें जन्मदिवस के मौके पर इस कॉरिडोर के लिए पीएम मोदी ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान का शुक्रिया अदा किया और इस दौरान पीएम मोदी ने पाक पीएम का पूरा नाम लिया। पीएम मोदी इस मौके पर पैसेजेंर टर्मिनल बिल्डिंग का उद्घाटन भी किया।

अपने अंदाज में कहा थैंक्यू
पीएम मोदी ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को अपने अंदाज में धन्यवाद दिया। मोदी ने कहा, 'मैं पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान नियाजी का शुक्रिया अदा करता हूं जिन्होंने करतारपुर कॉरिडोर पर हमारी भावनाओं को समझा।' पीएम मोदी ने उन भी मजदूर भाईयों को भी थैंक्यू कहा जिन्होंने इस कॉरिडोर के लिए दिन-रात काम किया। पीएम मोदी ने कहा कि इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट का उद्घाटन गुरुनानक देव के 550वें जन्मतिथि के मौके पर होना खुशी को दोगुना करना है।
सबसे पहले विदिशा मैत्रा ने बोला नियाजी
इमरान खान नियाजी, पाक पीएम का यह पूरा आधिकारिक नाम सितंबर माह में हुई यूनाइटेड नेशंस जनरल एसेंबली (यूएनजीए) में भारत ने लिया था। इस समय भारत ने राइट टू रिप्लाई का प्रयोग पाकिस्तान के पीएम की उंगा स्पीच का जवाब दिया था। तब विदेश मंत्रालय की फर्स्ट सेक्रेटरी विदिशा मैत्रा ने भारत की तरफ से पाकिस्तान को जवाब दिया और उन्होंने ही पहली बार उनका पूरा नाम लिया था। विदिशा मैत्रा भारत की वह पहली डिप्लोमैट भी बनीं जिन्होंने पहली बार इमरान खान को इमरान खान नियाजी कहकर संबोधित किया।
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सरेंडर करने वाले जनरल नियाजी के साथ रिश्ता
इमरान खान उसी खानदान से आते हैं जिस वंश से पाकिस्तान के लेफ्टिनेंट जनरल नियाजी आते थे।नियाजी पाकिस्तान के मियांवाली के रहने वाले लोग हैं और इमरान का ऐसे में उनसे खून का रिश्ता है। जनरल नियाजी जिनका पूरा नाम आमीर अब्दुल खान नियाजी था, वही पाकिस्तानी जनरल थे जिन्होंने सन 1971 की जंग में बांग्लादेश बनने के बाद भारतीय सेना के सामने सरेंडर किया था। इमरान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के जनरल सेक्रेटरी सैफुल्ला नियाजी भी इसी खानदान से हैं और इसके अलावा पाक क्रिकेट कैप्टन मिसबाह-उल-हक भी इसी खानदान से हैं।

पाकिस्तान में गाली है नियाजी
कहते हैं कि जब नियाजी ने अपने करीब 90,000 सैनिकों के साथ सरेंडर कर दिया, उसके बाद से ही नियाजी का जिक्र करना बेइज्जती सी समझा जाने लगा था। यह बात भी कम लोगों को पता थी कि इमरान खान का पूरा नाम इमरान खान नियाजी ही है। इस्लामाबाद में जो विरोध प्रदर्शन हो रहा है उसमें भी लोग 'गो नियाजी गो' के साथ ही उनके इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।












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