PM Modi Sikkim: 'नॉर्थ ईस्ट विकास का केंद्र', जानें PM मोदी की सिक्किम में 5 बड़ी बातें, क्या है इसके मायने?
PM Modi Sikkim Speech: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार, 29 मई को खराब मौसम के चलते सिक्किम में अपनी प्रस्तावित यात्रा रद्द कर दी, लेकिन वहां के लोगों से वर्चुअली जुड़कर न केवल आतंकवाद पर सख्त संदेश दिया, बल्कि नॉर्थ ईस्ट को विकास का केंद्र भी बताया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि पहलगाम पर हमला भारत नहीं, मानवता पर हमला था और ऑपरेशन सिंदूर ने इसका जवाब दुनिया को दिखा दिया।
सिक्किम की स्वर्ण जयंती पर पीएम मोदी ने राज्य के लोगों की प्रगति, एकता और लोकतांत्रिक मूल्यों की सराहना करते हुए कहा कि 50 वर्षों में सिक्किम ने प्रकृति और प्रगति का बेहतरीन मॉडल बनाया है। पीएम मोदी का यह संबोधन अहम इसलिए है, क्योंकि नॉर्थ ईस्ट के राष्ट्रपति शासित मणिपुर राज्य में सियासी तूफान जारी है। इस बीच पीएम मोदी का सिक्किम में संबोधन रणनीतिक दृष्टिकोण से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आइए जानते हैं पीएम मोदी की 5 अहम बातें जो आपको जाननी चाहिए....

- ऑपरेशन सिंदूर पर सीधा संदेश: पीएम ने कहा कि आतंकियों को करारा जवाब मिल चुका है। पाकिस्तान के एयरबेस तबाह किए गए और यह दिखा दिया गया कि भारत कब, क्या और कितनी तेजी से कर सकता है।
- सिक्किम का लोकतांत्रिक गौरव: उन्होंने कहा कि 50 साल पहले सिक्किम ने लोकतंत्र को चुना और आज वह भारत का गर्व बन चुका है।
- नॉर्थ ईस्ट को विकास का इंजन बताया: पीएम मोदी बोले कि हमारी सरकार ने नॉर्थ ईस्ट को कभी पिछड़ा नहीं माना, बल्कि उसे विकास का केंद्र बनाया है। दिल्ली में हाल ही में हुई नॉर्थ ईस्ट इन्वेस्टमेंट समिट इसका प्रमाण है।
- सिक्किम की उपलब्धियां: 100% ऑर्गेनिक राज्य बनना, प्रति व्यक्ति आय में अग्रणी होना और टिकाऊ विकास में लीड लेना, ये सब सिक्किम की ताकत हैं।
- न आने पर जताया खेद: खराब मौसम के कारण सिक्किम न पहुंच पाने पर उन्होंने जनता से माफी मांगी और आश्वासन दिया कि राज्य सरकार के तय कार्यक्रम पर वे जरूर आएंगे।
'नॉर्थ ईस्ट' फोकस एरिया
सिक्किम दौरे से एक दिन पहले मणिपुर में बीजेपी ने सरकार बनाने का दावा किया। ऐसे में नॉर्थ ईस्ट में पीएम मोदी की सक्रियता और उपस्थिति राजनीतिक संदेश भी देती है - कि केंद्र सरकार अब नॉर्थ ईस्ट को राजनीतिक और रणनीतिक रूप से एकदम प्राथमिकता पर रख रही है।
क्या है पीएम मोदी के दौरे के मायने?
प्रधानमंत्री का सिक्किम और पश्चिम बंगाल का दौरा रणनीतिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह क्षेत्र सिलीगुड़ी कॉरिडोर, जिसे 'चिकन नेक' कॉरिडोर के पास स्थित है, जो भारत के पूर्वोत्तर राज्यों को शेष देश से जोड़ता है। खास बात यह है कि इस चिकन नेक कॉरिडोर के इर्द-गिर्द नेपाल और बांग्लादेश हैं। पीएम मोदी वेस्ट बंगाल के दौरे के दौरान में ₹1,010 करोड़ की सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन परियोजना की आधारशिला भी रखेंगे।
इसका मकसद 2.5 लाख से अधिक घरों को पाइप्ड नेचुरल गैस प्रदान करना है। प्रधानमंत्री मोदी का सिक्किम और उत्तर बंगाल का दौरा पूर्वोत्तर भारत में विकास और राजनीतिक समर्थन को मजबूत करने की दिशा में एक कदम है। वो भी ऐसे वक्त, जब मणिपुर में बीजेपी ने सरकार बनाने के दावे पेश किए हैं।
सिक्किम में SKM (सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा) की सत्ता है, जो BJP का सहयोगी है। लेकिन, पिछले चुनावों में BJP को खुद सीट नहीं मिली थी - अब जमीनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश है। सिक्किम और उत्तर बंगाल में भाजपा की थोड़ी-थोड़ी लेकिन रणनीतिक मौजूदगी है, जिसे 2029 से पहले व्यापक जनाधार में बदलने की कोशिश की जा रही है।
नॉर्थ ईस्ट के मणिपुर में BJP का सरकार बनाने का दावा
आपको बता दें कि बीती 13 फरवरी को मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद से ही वहां राष्ट्रपति शासन लागू है। इस बीच, भाजपा ने सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया। बीती 28 मई को 10 विधायक राज्यपाल अजय कुमार भल्ला से मिले और 44 विधायकों के समर्थन के साथ बीजेपी ने सरकार बनाने का दावा पेश किया।
मणिपुर में 'सरकार बनाने का दावा' - क्या वाकई समीकरण पटरी पर?
केंद्रीय हस्तक्षेप और महीनों की हिंसा, जातीय तनाव और अव्यवस्था के बीच BJP विधायक थोकचोम राधेश्याम सिंह ने एक बड़ा बयान दिया - 'हमारे पास 44 विधायक हैं और हम राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा कर चुके हैं।' बीते दिनों मणिपुर में कुकी और मेइती समुदायों के बीच हिंसा ने राज्य को गहरे असंतुलन में डाल दिया था। मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह की सरकार लगभग निष्क्रिय हो गई थी, 13 फरवरी 2025 को बीरेन सिंह ने इस्तीफा दिया और राष्ट्रपति शासन लागू हो गया। लेकिन अब भाजपा, NPP, एनईडीए और निर्दलीयों के साथ जोड़तोड़ करके एक 'स्थिर सरकार' का दावा कर रही है।












Click it and Unblock the Notifications