'जब लता दीदी के भाई को सावरकर की कविता पढ़ने पर AIR से निकाला गया', PM मोदी ने सदन में बताई पूरी घटना
'जब लता दीदी के भाई को सावरकर की कविता पढ़ने पर AIR से निकाला गया', PM मोदी ने सदन में बताई पूरी घटना
नई दिल्ली, 08 फरवरी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार (08 फरवरी) को राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव दिया। इस दौरान पीएम नरेंद्र मोदी ने विपक्ष पर जमकर निशाना साधा है। पीएम मोदी ने राज्यसभा में भारत के पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू से लेकर कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी तक पर निशाना साधा है। पीएम मोदी ने गोवा की मुक्ति की 60वीं वर्षगांठ का जिक्र कर लता मंगेशकर के छोटे भाई पंडित हृदयनाथ मंगेशकर जी का भी जिक्र किया है। पीएम मोदी ने कहा, ''इस वर्ष गोवा की मुक्ति की 60वीं वर्षगांठ है। अगर सरदार वल्लभभाई पटेल ने जूनागढ़ और हैदराबाद के लिए जिस तरह से रणनीति बनाई थी, उसी तरह के कदम उठाए गए थे, गोवा इतनी देर तक विदेशी शासन के अधीन नहीं होता।'' पीएम मोदी ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का उदाहरण देते हुए, पंडित हृदयनाथ मंगेशकर के उस घटना का जिक्र किया, जिसमें उनको ऑल इंडिया रेडिया से उन्हें निकाल दिया गया था। आइए जानें पीएम मोदी ने क्या कहा?

'लता दीदी के परिवार के साथ कैसा सलूक किया गया, ये देश को जानना चाहिए'
पीएम मोदी ने गोवा की मुक्ति की 60वीं वर्षगांठ को याद करते हुए कहा, ''बोलने की आजादी पर भी इस देश में बड़ी-बड़ी बातें होती हैं, और मैं आज एक घटना कहना चाहता हूं और ये घटना भी गोवा के एक सपूत की घटना है। गोवा की एक सम्मानिय और गोवा की धरती की एक बेटी की कथा है। स्वतंत्रता की बातें करने वाले लोगों का इतिहास में आज खोल रहा हूं...। लता मंगेशकर जी के निधन से आज पूरा देश दुखी है, देश को बहुत बड़ी चोट है। लेकिन लता मंगेशकर जी का परिवार गोवा है। उनके परिवार के साथ कैसा सलूक किया गया, ये भी देश को जानना चाहिए।''

'ऑल इंडिया रेडियो से लता के भाई को निकाला गया'
पीएम मोदी ने आगे कहा, ''लता मंगेशकर जी के छोटे भाई पंडित हृदयनाथ मंगेशकर जी, गोवा का गौरवपूर्ण संतान, गोवा की घरती का बेटा, उन्हें ऑल इंडिया रेडियो से निकाल दिया गया था। वो ऑल इंडिया रेडियो के लिए काम करते थे। और उनका गुनाह क्या था, उनका गुनाह ये था कि वीर सावरकर की एक देशभक्ति से भरी कविता की ऑल इंडिया रेडियो पर प्रस्तूती दी थी।''

'सावरकर की कविता पढ़ने के 8 दिन बाद हृदयनाथ को AIR से निकाला गया'
पीएम मोदी ने आगे कहा, ''आप देखिए...हृदयनाथ जी ने एक इंटरव्यू में बताया, उनका इंटरव्यू है, उन्होंने इंटरव्यू में कहा, 'जब वो सावरकर जी से मिले कि मैं आपका गीत करना चाहता हूं, तो सावरकर जी ने उनको कहा, ''क्या तुम जेल जाना चाहते हो, मेरी कविता गाकर जेल जाना चाहते हो क्या?'' तो हृदयनाथ जी ने उनकी देश भक्ति की कविता को संगीतबद्ध किया, जिसके बाद 08 दिन के अंदर उनको ऑल इंडिया रेडियों से निकाल दिया गया। ये है आपका फ्रीड्रम ऑफ एक्सप्रेशन। ये स्वतंत्रता की आपने झूठ बाते देश की सामने रखी है।''

'नेहरू की आलोचना करने पर 1 साल की जेल हुई थी...'
पीएम नरेंद्र मोदी ने आगे कहा, ''ऐसी घटनाए सिर्फ हृदयनाथ जी के साथ नहीं हुई है, इसकी लिस्ट बहुत लंबी है। मजरूह सुल्तानपुरी और प्रोफेसर धर्मपाल दोनों को नेहरू की आलोचना करने के लिए जेल भेजा गया था। उन्हें 1 साल तक जेल में रहना पड़ा था।''

'किशोर कुमार इंदिरा के सामने नहीं झुके तो उन्हें बैन किया गया...'
पीएम मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का जिक्र कर कहा, ''आपातकाल के दौरान किशोर कुमार इंदिरा गांधी के सामने नहीं झुके और उन्हें रेडियो पर गाने से प्रतिबंधित कर दिया गया था। हम जानते हैं कि जब लोग एक परिवार के लिए सहमत नहीं होते हैं तो अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर कैसे अंकुश लगाया जाता है।''

'नेहरू को सिर्फ अपने छवि की चिंता थी'
पीएम मोदी ने गोवा की मुक्ति की 60वीं वर्षगांठ का जिक्र करते हुए राज्यसभा में कहा, ''उस समय के समाचार पत्रों ने कहा था कि पंडित नेहरू को केवल अपनी अंतर्राष्ट्रीय छवि की चिंता थी। अपने निहित स्वार्थ के लिए, उन्होंने गोवा को नजरअंदाज कर दिया और जब गोवा के लोगों को गोली मारी गई तो उन्होंने कोई कदम नहीं उठाया। तब पीएम ने सत्याग्रहियों को मदद देने से इनकार कर दिया था, और राज्य को 15 साल और विदेशी शासन में रहना पड़ा था!''












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