Video: 'मेरी जिम्मेदारी है, मैं लिखकर देता हूं', जब गोधरा दंगों पर खुलकर बोले PM नरेंद्र मोदी, जानें क्या कहा?
PM Modi Podcast on Godhra: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2002 के गोधरा कांड के अपने अनुभवों पर अपने पहले पॉडकास्ट में खुलकर बात की है। पीएम मोदी ने बताया कि कैसे उस दौरान उन्होंने भावनाओं से ऊपर उठकर मुख्यमंत्री के रूप में अपना कर्तव्य निभाया।
पीएम मोदी ने इस पॉडकास्ट में गोधरा कांड के बाद गोधरा जाने और अस्पतालों का दौरा करने के अपने जोखिमों को भी याद किया। पीएम मोदी का पहला पॉडकास्ट जीरोधा के सह-संस्थापक निखिल कामथ के साथ ऑनएयर हो गया है। इस पॉडकास्ट में पीएम मोदी ने 2002 के गोधरा ट्रेन अग्निकांड से जुड़े कई बातों पर चर्छा की।

PM मोदी बोले- गोधरा में हुई हिंसा को देखकर मन दुखी था
पीएम मोदी ने कहा कि 2002 में गोधरा में हुई हिंसा को देखकर उनका मन बहुत ज्यादा दुखी हुआ था। हालांकि गुजरात के मुख्यमंत्री होने के नाते पीएम मोदी ने अपनी भावनाओं पर काबू रखा। पीएम मोदी ने बताया कि उस दौरान नेतृत्व के भारी दबाव और राष्ट्रीय संकट के क्षणों में व्यक्तिगत भावनाओं को उन्होंने दबा लिया था।
PM मोदी बोले- मैं गोधरा गया और दर्दनाक दृश्य देखा
27 फरवरी 2002 को अयोध्या से गुजरात जा रही साबरमती एक्सप्रेस को गोधरा रेलवे स्टेशन पर आग लगा दी गई थी। इसमें कई लोगों की ट्रेन में जलकर मौत हो गई थी। पीएम मोदी ने कहा, ''गोधरा कांड के बारे में पता चलते ही, मैंने गोधरा जाने का फैसला किया। "मैं गोधरा गया और दर्दनाक दृश्य देखा... मैंने सब कुछ महसूस किया, लेकिन मुझे पता था कि मैं जिस स्थिति में था, उसके कारण मुझे खुद पर नियंत्रण रखना होगा।"
पीएम मोदी ने कहा,
''मैं 24 फरवरी 2002 को पहली बार विधायक बना। 27 फरवरी को पहली बार विधानसभा पहुंचा। विधायक बने अभी तीन दिन भी नहीं हुए थे कि अचानक गोधरा कांड हो गया। मैंने विधानसभा से निकलते ही कहा कि मुझे गोधरा जाना है। मुझे बताया गया कि हम पहले वडोदरा जाएंगे वहां से हेलीकॉप्टर लेंगे। फिर पता चला कि हेलीकॉप्टर नहीं है। किसी तरह से एक ONGC का सिंगल इंजन वाला हेलीकॉप्टर मिला। लेकिन फिर सिंगल-इंजन वाला हेलीकॉप्टर को लेकर सुरक्षा एजेंसियों ने जाने से मना कर दिया। लेकिन फिर भी मैंने रिस्क लियाा।''
PM मोदी बोले- मैं कोई VIP नहीं, एक आम आदमी हूं
पीएम मोदी ने कहा, ''मैंने सुरक्षा एजेंसियों से कहा कि मैं कोई VIP नहीं हूं। मैं एक आम आदमी हूं...मैं लिखकर देता हूं, अगर कुछ भी होता है तो मेरी जिम्मेदारी होगी। इसके बाद हम गोधरा पहुंचे। गोधरा पहुंचकर जो मैंने देखा, उसके मन विचलित हुआ। इतनी सारी लाशें...मैं भी इंसान हूं...। लेकिन मैं ऐसे पद पर था कि मुझे अपनी भावनाओं और स्वाभाविक प्रवृत्तियों पर कंट्रोल करना पड़ा और मैंने वैसा ही किया।''
पीएम मोदी ने स्वीकार किया कि चिंता एक स्वाभाविक मानवीय भावना है, उन्होंने कहा, "यहां तक कि मुझे भी बचपन में चिंता हुई होगी। हर किसी के पास स्थितियों को संभालने की अलग-अलग क्षमताएं और शैलियाँ होती हैं।"












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