शहीद भगत सिंह के नाम पर होगा चंडीगढ़ एयरपोर्ट का नाम- PM मोदी
नई दिल्ली, 25 सितंबर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश की जनता के साथ मन की बात कर रहे हैं। ये इस कार्यक्रम का 93वां एपिसोड है, जिसके लिए पीएम ने कुछ दिनों पहले ही लोगों से सुझाव मांगे थे। इस कार्यक्रम का प्रसारण ऑल इंडिया रेडियो, दूरदर्शन के अलावा यूट्यूब व अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत में पीएम मोदी ने कूनो नेशनल पार्क में आए चीतों का जिक्र किया। पीएम ने बताया कि अभी उनको देखने के लिए जनता को थोड़ा इंतजार करना होगा। पढ़ें इस कार्यक्रम से जुड़ा हर अपडेट लाइव-

LIVE Feed
पीएम ने आगे कहा कि कौन सी चीज की जगह कहां है, कौन सी अच्छी आदतें होती हैं, ये सब कुछ बहुत धैर्य के साथ उन्होंने अन्वी को सिखाने की कोशिश की। पहली बार जब वो योग सिखाने वाली कोच के पास गई तो वे भी बड़ी दुविधा में थे कि क्या ये मासूम बच्ची योग कर पायेगी, लेकिन कोच को भी शायद इसका अंदाजा नहीं था कि अन्वी किस मिट्टी की बनी है।
पीएम मोदी ने मन की बात में सूरत की एक बिटिया अन्वी से मिलने का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अन्वी और अन्वी के योग से मेरी वो मुलाकात इतनी यादगार रही है कि उसके बारे में, मैं ‘मन की बात’ के सभी श्रोताओं को जरुर बताना चाहता हूं। अन्वी जन्म से ही Down Syndrome से पीड़ित हैं और वो बचपन से ही हार्ट की गंभीर बीमारी से भी जूझती रही है। जब वो केवल तीन महीने की थी, तभी उसे ओपन हर्ट सर्जरी से भी गुजरना पड़ा। इन सब मुश्किलों के बावजूद, ना तो अन्वी ने और ना ही उसके माता-पिता ने कभी हार मानी। अन्वी के माता-पिता ने Down Syndrome के बारे में पूरी जानकारी इकट्ठा की और फिर तय किया कि अन्वी के दूसरों पर निर्भरता को कम कैसे करेंगे। उन्होंने अन्वी को पानी का गिलास कैसे उठाना, जूते के फीते कैसे बांधना, कपड़ों के बटन कैसे लगाना, ऐसी छोटी छोटी छोटी चीजे सिखाना शुरू किया।
पीएम मोदी ने कहा कि क्या हम इन सभी चीतों के नामकरण के बारे में भी सोच सकते हैं, कि, इनमें से हर एक को, किस, नाम से बुलाया जाए। वैसे ये नामकरण अगर ट्रेडिशनल हो तो काफी अच्छा रहेगा, क्योंकि अपने समाज और संस्कृति, परंपरा और विरासत से जुड़ी हुई कोई भी चीज, हमें, सहज ही, अपनी ओर आकर्षित करती है।
कार्यक्रम की शुरुआत में पीएम मोदी ने कहा कि पिछले दिनों जिस बात ने हम सब का ध्यान आकर्षित किया - वह है चीता। चीतों पर बात करने के लिए ढ़ेर सारे मैसेज आए हैं, वह चाहे उत्तर प्रदेश के अरुण कुमार गुप्ता जी हों या फिर तेलंगाना के एन. रामचंद्रन रघुराम जी, गुजरात के राजन जी हों या फिर दिल्ली के सुब्रत जी। देश के कोने-कोने से लोगों ने भारत में चीतों के लौटने पर खुशियां जताई हैं।












Click it and Unblock the Notifications