पहले पीएम मोदी ने की पवार की तारीफ, फिर की मुलाकात और ऐसे बनी महाराष्ट्र में BJP-NCP सरकार
मुंबई। शनिवार को सुबह जब सबके घर अखबार पहुंचे तो शिवसेना के उद्धव ठाकरे के महाराष्ट्र के सीएम बनेंगे। लेकिन सुबह आठ बजे जो खबर आई, उसने हर किसी को नींद से जागने पर मजबूर कर दिया। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के तौर पर बीजेपी के देवेंद्र फडणवीस दोबारा शपथ ले रहे थे। उनके साथ राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के अजित पवार को राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी डिप्टी सीएम की शपथ दिला रहे थे। यह सब कैसे हुआ कोई नहीं समझ पा रहा है। लेकिन सबको इस पूरे राजनीतिक ड्रामे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से खेली गई एक बाजी की तरफ भी इशारा मिल रहा है। बुधवार को पीएम मोदी और एनसीपी मुखिया शरद पवार के बीच मुलाकात हुई और शनिवार को राज्य में बीजेपी-एनसीपी की सरकार बन गई।

राज्यसभा के 250वें सत्र में पवार की तारीफ
सोमवार से संसद का शीतकालीन सत्र शुरू हुआ और पहले दिन पीएम मोदी ने राज्यसभा के 250वें सत्र के दौरान सदन को संबोधित किया। इस दौरान मोदी ने शरद पवार की सदन में तारीफ करके सबको चौंका दिया। यूं तो वह रैलियों में और दूसरे कार्यक्रमों में पवार की तारीफ पहले कर चुके थे मगर संसद में पहला मौका था पीएम मोदी ने उनकी तारीफ सबके सामने की थी। इस बीच यह खबरें भी आने लगीं कि जल्द ही पीएम मोदी और शरद पवार 'किसानों के मसले पर वार्ता' के लिए मुलाकात करने वाले हैं। बुधवार को दोनों नेताओं की मुलाकात हुई।

मीटिंग के बीच बुलाए गए शाह
इंडिया टुडे की खबर में सुत्रों के हवाले से कहा गया है कि जिस समय मोदी और पवार की मुलाकात चल रही थी, उसी समय गृहमंत्री अमित शाह आंतरिक सुरक्षा को लेकर राज्यसभा में एक सवाल का जवाब दे रहे थे। इस बीच उन्हें पीएम मोदी के चैंबर में बुलाया गया। जल्द ही राज्यसभा को स्थगित कर दिया गया और शाह संसद भवन में पीएम मोदी के चैंबर की तरफ चले गए। इस मीटिंग में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को भी बुलाया गया। पीएम मोदी और शाह ने पवार से अलग-अलग मुलाकात की। माना जा रहा है कि इस मीटिंग के दौरान ही पवार और मोदी के बीच कोई एग्रीमेंट हुआ।

पवार को लेकर की बड़ी टिप्पणी
केंद्रीय मंत्री और महाराष्ट्र के राजनेता रामदास अठावले ने एनसीपी का स्वागत किया है और कहा है कि एनडीए की तरफ से पार्टी को अहम पद दिया जाएगा। पवार और मोदी के बीच महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव प्रचारों से अलग एक व्यक्तिगत केमेस्ट्री देखने को मिली है। पीएम मोदी ने साल 2016 में एक कार्यक्रम में कहा था कि उन्हें इस बात को स्वीकारने में कोई हिचक नहीं है कि उन्होंने पवार को हाथ पकड़कर राजनीति के गुर सीखे हैं। दोनों ही नेता राजनीति का एक सक्रिय चेहरा हैं और यही बात दोनों को एक समान मंच पर लेकर आती है। यह बात भी गौर करने वाली है कि शिवसेना के नेता संजय राउत पहले कह चुके हैं कि पवार की राजनीति को समझने में पूरा एक युग लग जाएगा।












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