पीएम मोदी बोले- दुनिया में महत्वपूर्ण बदलाव, इजरायल-भारत के संबंध अब और अहम
नई दिल्ली, 29 जनवरी: भारत और इजरायल के बीच पूर्ण राजनयिक रिश्तों को 30 साल पूरे हो गए हैं। इस उपलक्ष्य पर मुंबई का गेटवे ऑफ इंडिया भारत और इजरायल के झंडे के रंगों से जगमगा उठा। साथ ही भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर और उनके इजरायली समकक्ष यायर लैपिड ने एक लेख लिखकर दोनों देशों के रिश्तों को मजबूत बनाने पर जोर दिया। उनके अलावा पीएम ने भी एक संबोधन जारी किया, जिसमें उन्होंने दोनों देशों के रिश्तों के महत्व को समझाया।

अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देशों के संबंधों का इतिहास बहुत पुराना है। भारत और इजरायल के बीच सदियों से मजबूत संबंध रहे हैं। आज जब दुनिया महत्वपूर्ण बदलाव देख रही है, भारत-इजरायल संबंधों का महत्व और भी बढ़ गया है। मुझे पूरा विश्वास है कि आने वाले दशकों में भारत-इजरायल की दोस्ती आपसी सहयोग में नए मील के पत्थर हासिल करेगी।
पीएम ने आगे कहा कि हमारे लोगों के बीच सदियों से घनिष्ठ नाता रहा है जैसा कि भारत का मूल्य स्वभाव है कि सैकड़ों वर्षों से हमारा यहूदी समुदाय भारतीय समाज में बिना किसी भेद-भाव के एक सौहार्दपूर्ण वातावरण में रहा है। उसने हमारी विकास यात्रा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
ऐसे हुई थी संबंधों की शुरुआत
कई दशकों से इजरायल-फिलिस्तीन के बीच विवाद जारी है। फिलिस्तीन का समर्थन करने वाले बहुत से देश इजरायल को मान्यता नहीं दे रहे थे, लेकिन 29 जनवरी 1992 को भारत ने ऐतिहासिक कदम उठाया। उस दिन भारत ने इजरायल को पूर्ण मान्यता देते हुए तेल अवीव में अपना दूतावास खोला था। वहीं से भारत और इजरायल के रिश्तों की आधिकारिक शुरुआत हुई थी। इसके बाद दोनों देशों ने रक्षा, कृषि समेत कई क्षेत्रों में अच्छी भागीदारी की।












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