PM Modi Address: पीएम नरेंद्र मोदी शाम 5 बजे करेंगे देश को संबोधित, कर सकते हैं कोई बड़ा ऐलान
PM Modi Address To Nation: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज 21 सितंबर की शाम 5 बजे राष्ट्र को संबोधित करेंगे। इस संबोधन में पीएम मोदी कुछ बड़ा ऐलान कर सकते हैं। पीएम मोदी कोई बड़ी स्कीम की भी घोषणा कर सकते हैं। हालांकि इस संबोधन का मकसद अभी साफ नहीं है। सिर्फ इतनी जानकारी आई है कि देश को शाम 5 बजे पीएम मोदी लाइव संबोधित करेंगे।
अटकलें हैं कि उनका फोकस जीएसटी सुधारों पर हो सकता है। पीएम मोदी राष्ट्र के संबोधन में जीएसटी स्लैब के बारे में भी बात कर सकते हैं। इसमें GST सुधारों पर जानकारी दे सकते हैं। दरअसल 22 सितंबर से जीएसटी प्रणाली को बेहद आसान बना दिया जाएगा। अब केवल दो स्लैब लागू होंगे-5% और 18%। इसका सीधा असर आम जरूरत की चीजों से लेकर लग्जरी आइटम्स तक पर पड़ेगा। यानी पनीर, घी, साबुन-शैंपू जैसे रोजमर्रा के सामान से लेकर एसी और कार तक, सब पहले से सस्ते मिल सकते हैं।

इस फैसले को हाल ही में हुई जीएसटी काउंसिल की 56वीं बैठक में मंजूरी मिली थी, जिसकी जानकारी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 3 सितंबर को दी थी। उम्मीद की जा रही है कि पीएम मोदी आज देश को संबोधन में इस बदलाव के असर और फायदे पर विस्तार से बताएंगे।
भारत-अमेरिका में के मुद्दे पर भी बोल सकते हैं पीएम मोदी
पीएम मोदी का यह संबोधन ऐसे वक्त पर हो रहा है, जब भारत और अमेरिका के रिश्तों में खिंचाव देखने को मिल रहा है। दरअसल, अमेरिका ने रूस से तेल आयात को लेकर भारत पर 50 फीसदी टैरिफ लगा दिया है, जिसमें 25 फीसदी अतिरिक्त शुल्क भी शामिल है। इस कदम ने दोनों देशों के बीच तनाव को और बढ़ा दिया है।
इसी के साथ ट्रंप प्रशासन ने एच-1बी वीज़ा से जुड़ा एक बड़ा फैसला लिया है। नए आवेदनों पर अब सालाना शुल्क 1,00,000 अमेरिकी डॉलर (करीब 88 लाख रुपये) कर दिया गया है। इस बदलाव से भारतीय आईटी पेशेवरों और एच-1बी वीज़ा धारकों में गहरी चिंता पैदा हो गई है। हालांकि, अमेरिकी प्रशासन ने साफ किया है कि यह नियम केवल नए आवेदकों पर लागू होगा। मौजूदा वीज़ा धारकों या वे लोग जो फिलहाल अमेरिका से बाहर हैं और दोबारा लौटना चाहते हैं, उन्हें यह शुल्क नहीं देना होगा।
इन हालातों पर अप्रत्यक्ष प्रतिक्रिया देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने शनिवार को कहा कि भारत का सबसे बड़ा विरोध उसकी "अन्य देशों पर निर्भरता" है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सेमीकंडक्टर से लेकर जहाज निर्माण तक, भारत को आत्मनिर्भर बनना ही समय की सबसे बड़ी जरूरत है।












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