'गब्बर सिंह टैक्स लगाकर लोगों को लूटा गया, अब चेहरा चमका रहे', पीएम मोदी के संबोधन पर कांग्रेस ने कसा तंज
PM Modi address on GST: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22 सितंबर से हो रहे जीएसटी सुधारों को लेकर देश को संबाेधित किया। पीएम मोदी के इस संबोधन पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कटाक्ष किया है। कांग्रेस का आरोप है कि पीएम मोदी ने जीएसटी काउंसिल द्वारा किए गए संशोधनों का पूरा श्रेय खुद लेने की कोशिश की है और अपना चेहरा चमकाने की कोशिश कर रहे हैं।।
कांग्रेस ने पीएम मोदी के इस संबोधन को "चेहरा चमकाने की कोशिश" बताते हुए जीएसटी सुधारों को "अपर्याप्त" बताया। कांग्रेस ने कहा 20217 में गब्बर टैक्स लगातार देश की सामान्य जनता को लूटा गया।

कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा कि कम जीएसटी दरें लागू होने से ठीक पहले पीएम मोदी का यह संबोधन अनावश्यक था। उन्होंने कहा "मुझे पीएम मोदी का देश के नाम संबोधन बहुत अजीब लगा क्योंकि वित्त मंत्री पहले ही घोषणा कर चुकी हैं कि नया जीएसटी कल से लागू होगा। फैसला लेने से पहले पीएम मोदी ने लाल किले की प्राचीर से इस बारे में बात भी की थी... उन्होंने कुछ नया नहीं कहा।
"गब्बर सिंह टैक्स" बनाकर लोगों को लूटा गया
कांग्रेस नेता ने कटाक्ष करते हुए कहा कि पीएम ने इस तरह बात की जैसे 2017 में जीएसटी किसी और ने लागू किया हो, जबकि 8 साल से इसे "गब्बर सिंह टैक्स" बनाकर लोगों को लूटा गया है।
8 सालों से त्योहारों पर इतनी कड़वाहट क्यों थी?
श्रीनेत ने पीएम के इस बयान पर भी सवाल उठाया कि इस बार त्योहारों पर मुंह मीठा होगा। उन्होंने पूछा कि पिछले 8 सालों से त्योहारों पर इतनी कड़वाहट क्यों थी? उन्होंने चुनौती दी कि यदि सरकार चाहे तो पेट्रोल और डीजल के दाम आज भी एक झटके में घटा सकती है, लेकिन ऐसा क्यों नहीं किया जा रहा है?
कांग्रेस का दावा- सीएम रहते मोदी ने GST का किया था विरोध
कांग्रेस ने ने यह भी याद दिलाया कि गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए नरेंद्र मोदी ने जीएसटी का पुरजोर विरोध किया था। यह टिप्पणी प्रधानमंत्री के उस बयान के बाद आई है जिसमें उन्होंने कहा था कि अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधार भारत की विकास गाथा को गति देंगे, कारोबारी सुगमता बढ़ाएंगे और अधिक निवेशकों को आकर्षित करेंगे।
जयराम रमेश बोले- पूरा श्रेय खुद ले रहे
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने भी 'एक्स' पर लिखा कि प्रधानमंत्री ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए एक संवैधानिक निकाय, जीएसटी काउंसिल द्वारा किए गए संशोधनों का पूरा श्रेय खुद लेने की कोशिश की है।
उन्होंने दोहराया कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस लंबे समय से यह तर्क देती आई है कि जीएसटी वास्तव में "ग्रोथ सप्रेसिंग टैक्स" है। रमेश ने जीएसटी में कई समस्याएं गिनाईं, जिनमें उच्च संख्या में टैक्स स्लैब, आम उपभोग की वस्तुओं पर दंडात्मक कर दरें, बड़े पैमाने पर चोरी और गलत वर्गीकरण शामिल हैं। उन्होंने महंगी औपचारिकताओं का बोझ और एक उल्टा शुल्क ढांचा (जहां आउटपुट पर इनपुट की तुलना में कम टैक्स लगता है) को भी जीएसटी की प्रमुख कमियों में शामिल किया।












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