मणिपुर में भूकंप के बाद का मंजर, जानिए क्या कर रहा है प्रशासन
इंफाल। मणिपुर के तामरंगलोंग जिले में सोमवार को आए 6.7 तीव्रता के भूकंप के बाद राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण यानी एनडीएमए ने तुरंत कदम उठाए और बचाव और राहत कार्यों के लिए राज्य सरकारों, केंद्रीय गृह मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय, एनडीआरएफ, दूरसंचार मंत्रालय और दूसरे संबंधित सरकारी विभागों और एजेंसियों के साथ समन्वय कायम करना शुरू कर दिया।
एनडीएमए ने इस संबंध में पूर्वोत्तर के सभी राज्यों - मणिपुर, असम, त्रिपुरा, मिजोरम, मेघालय, सिक्किम, नगालैंड और पश्चिम बंगाल के कंट्रोल रूम/ राहत आयुक्तों से बात की है। एनडीएमए प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के निर्देश में काम कर रहा है और उससे नजदीकी समंवय कायम किए हुआ है। अब तक भूकंप में 6 लोगों के मरने और 100 लोगों के घायल होने की खबर है।
भूकंप से कुछ भवनों जिनमें आवासीय इकाइयां और सरकारी दफ्तर हैं, के नुकसान पहुंचने की खबर है। इनमें इंफाल के एक छह मंजिला भवन के नुकसान पहुंचने की भी सूचना है। एनडीआरएफ की टीमें गुवाहाटी से इंफाल विमान के जरिये पहुंचाई जा रही हैं। इलाके में संचार प्रणाली ठीक तरह से काम कर रही है। बीएसएनएल की संचार प्रणाली ठीक तरह से काम कर रही है।
राज्य सरकार से संवाद लगातार बना हुआ है। एनडीएमए सभी राहत कार्यों की निगरानी कर रहा है और इस संबंध में सभी गतिविधियों के बीच समन्वय कायम किए हुए है। हालात का जायजा लेने और सरकार की ओर से सभी जरूरी मदद पहुंचाने के लिए कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता में नेशनल क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटी की बैठक सुबह साढ़े दस बजे शुरू हो चुकी है। भूकंप की तस्वीरें नीचे स्लाइडर में देखें-

भूकंप में घायल हुई बच्ची
भूंकप में घायल हुए 33 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां उनका इलाज किया जा रहा है।

भूकंप में गिर गई बड़ी बिल्डिंग
भूंकप में तास के पत्ते की तरह गिर गई बिल्डिंग जिसमें कई लोग दब गये।

राहत कार्य में जुटे सुरक्षाकर्मी
भूकंप के बाद सेना और सुरक्षा बल के जवान फौरन मौके पर पहुंच गये और राहत कार्य शुरु कर दिया।

भूकंप से हिल गई मकानों की नींव
भंकप के झटके इतने तेज थे की मकानों के नींव तक हिल गये।

घायलों से मिले मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री तरुण गोगोई ने अस्पताल में घायलों से मुलाकात की।












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