गणतंत्र दिवस पर गाजियाबाद को मिल सकती है मेट्रो की सौगात, लाखों लोगों को मिलेगी राहत
नई दिल्ली। दिलशाद गार्डन से न्यू बस अड्डा तक तैयार हो चुके मेट्रो कॉरिडोर के संशोधित डीपीआर को पीआइबी ने सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। इस डीपीआर को केंद्रीय कैबिनेट के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी के बाद सरकार के अंशदान के 324.881 करोड़ रु इस कॉरिडोर के लिए जारी कर दिए जाएंगे। जीडीए अधिकारियों ने बताया कि जनवरी में मेट्रो संचालन शुरू हो जाएगा।

गाजियाबाद को मिल सकती है मेट्रो की सौगात
कैबिनेट की मंजूरी के बाद कमिश्नर मेट्रो रेल सेफ्टी द्वारा इसका निरीक्षण किया जाएगा। वहीं, अब इसे गणतंत्र दिवस के मौके पर शुरू करने पर विचार किया जा रहा है। मेट्रो फेज-टू के तहत बने इस कॉरिडोर की लागत और कम हुई है। खबर के मुताबिक, डीएमआरसी ने पीआईबी को बताया है कि इस कॉरिडोर को तैयार करने में कुल लागत 1780 करोड़ रुपए रही जो कि डीपीआर के मूल आंकलन के बराबर है।

रोजाना डेढ़ लाख लोगों को मिलेगा फायदा
इस कॉरिडोर को तैयार करने में मूल डीपीआर में 1770 करोड़ रु की लागत का आंकलन किया गया था। सालाना डीपीआर में संशोधन पर लागत का आंकलन 2210 करोड़ रु थी जबकि डीएमआरसी ने पीआईबी को भेजे गए पत्र में 1805 करोड़ रु की लागत बताई थी। यानी इसमें 25 करोड़ रु तक की कमी आई है। इस कॉरिडोर से रोजाना 1.5 लाख के अधिक लोगों को लाभ मिलेगा।

इस कॉरिडोर पर होंगे ये स्टेशन
कॉरिडोर के तैयार होने में चार साल का वक्त लगा है। हालांकि डेडलाइन पूरी ना होने के कारण बार-बार इसे बढ़ाया जाता रहा है। कुछ जगहों पर फिनिशिंग का काम अभी भी जारी है। इस कॉरिडोर पर शहीद नगर, राजबाग, राजेंद्र नगर, श्याम पार्क, मोहननगर, अर्थला, हिंडन रिवर और नया बस अड्डा स्टेशन होंगे। इस प्रॉजेक्ट को 25 दिसंबर 2018 को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिवस पर शुरू किए जाने का प्लान यूपी सरकार ने बनाया था लेकिन केंद्र से संशोधित डीपीआर को मंजूरी मिलने में देरी के कारण ये संभव नहीं हो सका।












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