100 हाईड्रोजन बमों के बराबर ऊर्जा, वाला फेलिन भारत में घुसा
वैज्ञानिकों के अनुसार जब भांप से पानी की बूंद बनती है, तब उसमें से ऊर्जा उत्पन्न होती है। जो चक्रवात इस समय भारत पर आया है, उससे जितनी पानी की बूंदें बनीं और जितनी ऊर्जा निकली, अगर सारी ऊर्जा को एक कर लिया जाये, तो वह 100 हाईड्रोजन बम के बराबर होगी, यानी पूरा का पूरा शहर तबाह करने का माददा रखने वाली ऊर्जा।
ताज़ा अपडेट-
शनिवार रात्रि 10 बजे के ताज़ा अपडेट देखें तो इस समय चक्रवात गोपालपुर पर है। यहां के अधिकांश घरों में पानी घुस चुका है। ओडिशा के गोपालपुर और बरहामपुर में चक्रवात घुसा तो घरों के शीशे टूट गये। वहीं जगह-जगह लगे पेड़ उखड़ गये। अनुमान है कि सुबह तक समुद्र के तट पर नारियल के पेड़ माचिस की तीलियों की तरह बिखरे हुए दिखाई देंगे। ओडिशा और आंध्र प्रदेश के कई शहरों में बिजली काट दी गई है, ताकि पानी से करंट न फैले। कई जिले अंधेरे में डूब गये हैं।
मौसम विभाग के अनुसार फेलिन कल शाम तक झारखंड पहुंचेगा। इससे पहले ओडिशा के तमाम शहरों में यह तबाही मचा सकता है। हालांकि सुबह छह बजे तक चक्रवात की तीव्रता कम हो जायेगी। यानी जैसे-जैसे चक्रवात अंदर की ओर बढ़ेगा, उसकी तीव्रता कम होती जायेगी। लेकिन भारी बारिश अगले 48 घंटे तक जारी रहेगी।
ओडिशा में अब तक 30 लोगों के मरने की खबर है। हालांकि सरकार ने मृतकों के आंकड़ों की पुष्टि नहीं की है।
आंध्र प्रदेश और ओडिशा में अगले 48 घंटे बारिश होती रहेगी। वहीं झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल में तमाम इलाकों में बारिश शुरू हो चुकी है।
भारतीय वायुसेना ने 60 टुकडि़यों को अलर्ट कर दिया है। यानी चक्रवात के थमते ही प्रभावित इलाकों में हेलीकॉप्टर के माध्यम से राहत सामग्री पहुंचाई जायेगी। इस काम के लिये 18 हेलीकॉप्टर, 12 विमान और नेवी ने दो जहाज तैयार कर लिये हैं। इस चक्रवात से 1.25 करोड़ से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं।













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