गृह मंत्रालय का आदेश, NRC लिस्ट से बाहर हुए लोगों को हिरासत में नहीं लिया जाएगा
नई दिल्ली। राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) की अंतिम लिस्ट जारी होने के दो दिन बाद गृह मंत्रालय ने साफ कर दिया कि, लिस्ट से बाहर हुए लोगों को तब तक गिरफ्तार नहीं किया जाएगा, जब तक कि वे कानून के तहत उपलब्ध सभी उपायों को समाप्त नहीं कर देते हैं। एनआरसी की अंतिम लिस्ट शनिवार को जारी कर दी गई थी। एनआरसी की अंतिम सूची में 19 लाख 6 हजार 657 लोग बाहर हैं। इसमें वे लोग भी शामिल हैं, जिन्होंने कोई दावा पेश नहीं किया था। 3 करोड़ 11 लाख 21 हजार 4 लोगों को वैध करार दिया गया है।

एनआरसी लिस्ट जारी होने के बाद चल रही अफवाहों पर विराम लगाने के लिए गृह मंत्रालय ने सोमवार को बयान जारी कर रहा कि, एनआरसी में छूटे हुए व्यक्तियों को तब तक हिरासत में नहीं लिया जाएगा जब तक कि वे कानून के तहत उपलब्ध सभी उपायों को समाप्त नहीं कर देते हैं। राज्य सरकार ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों के माध्यम से जरूरतमंद लोगों को क़ानूनी मदद पहुंचाने की व्यवस्था की है।
गृह मंत्रालय की ओर से जारी बयान में प्रवक्ता ने कहा गया है कि, एनआरसी लिस्ट से प्रभावित लोगों की मदद कि लिए पर्याप्त कानूनी प्रक्रिया उपलब्ध है। अगस्त 31 से लेकर 120 दिनों तक फॉरन ट्रिब्यूनल में अपील की जा सकती है। अपीलों पर सुनवाई के लिए 200 फॉरन ट्रिब्यूनल आज से उपलब्ध है। 100 ट्रिब्यूनल पहले से ही काम कर रहे हैं।
इससे पहले रविवार को विदेश मंत्रालय (एमईए) ने कहा था कि राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) से बाहर रहे लोग 'राष्ट्र विहीन' नहीं हैं और वे कानून के तहत मौजूद सभी विकल्पों का इस्तेमाल कर लेने तक अपने अधिकारों का पूर्व की तरह उपयोग करते रहेंगे। मंत्रालय ने कहा था कि एनआरसी से बाहर किये जाने से असम में एक भी व्यक्ति के अधिकारों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है और उन्हें पूर्व में प्राप्त किसी भी अधिकार से वंचित नहीं किया गया है।












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