कोविड 19 को लेकर रिसर्च में हुआ खुलासा, ब्लड ग्रुप A वालों को कोरोना संक्रमण का खतरा सबसे ज्यादा
कोरोना वायरस को लेकर हुए रिसर्च में बेहद ही चौंकाने वाला खुलासा हुआ है, जिसमें बताया गया कि ब्लड ग्रुप A वालों को कोरोना संक्रमण का खतरा सबसे ज्यादा होता है।
दुनिया में कोरोना वायरस ने इस कदर कहर बरपाया कि लोग आज भी इस वायरस से पूरी तरह मुक्त नहीं हो पाए हैं। वहीं, आए दिन कोई न कोई रिसर्च में नए खुलासे होते रहते हैं। वहीं, एक अध्ययन में एक नया फैक्ट सामने आया है कि ब्लड ग्रुप 'O' की तुलना में ब्लड ग्रुप 'A' के SARS-CoV-2 से संक्रमित होने की अधिक संभावना होती है।
एक रिसर्च में पता लगा है कि A ब्लड ग्रुप और वायरस से संक्रमण की उच्च दर के बीच सीधा संबंध है। पिछले अध्ययनों से पता चला है कि रक्त समूह 'A' वाले लोग कोरोनवायरस से संक्रमण के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं, जबकि रक्त समूह 'O' वाले लोग कुछ हद तक कम संवेदनशील लगते हैं।

हार्वर्ड मेडिकल स्कूल के सीन आर स्टोवेल ने बताया कि SARS-CoV-2 स्पाइक प्रोटीन का वो हिस्सा जो वायरस को कोशिकाओं पर आक्रमण करने में सक्षम बनाता है। ब्लड ग्रुप 'A' कोशिकाओं के लिए परस्परता दिखाता है। इसके बदले में वायरस रक्त समूह A कोशिकाओं को संक्रमित करने की शक्ति दिखाता है।
प्रयोगशाला में डॉ स्टोवेल और उनके सहयोगियों ने पाया कि एक प्रोटीन का समावेश जो SARS-CoV-2 को कुछ रक्त समूह एंटीजन (पदार्थ जो शरीर में प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया का कारण बनता है) को पहचानने से रोकता है। रक्त समूह ए कोशिकाओं की तुलना रक्त समूह ओ कोशिकाओं की तुलना में SARS-CoV-2 से संक्रमित होने की अधिक संभावना थी। आगे के प्रयोगों से पता चला कि SARS-CoV-2 के ओमीक्रॉन स्ट्रेन में मूल वायरस की तुलना में रक्त समूह ए कोशिकाओं को संक्रमित करने की अधिक क्षमता थी।
हजार लोगों के एक समूह पर किए गए अध्ययन से पता लगा कि रक्त समूह A वाले लोगों में ब्लड ग्रुप O की तुलना में कोरोना वायरस से संक्रमित होने की 20 प्रतिशत अधिक संभावना रहती है। लेकिन, ओ ब्लड ग्रुप वाले भी वायरस से संक्रमित हो सकते हैं। इसलिए सावधानी बरतनी जरूरी है।












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