बुरहान वानी के भाई को मुआवजा देगी महबूबा मुफ्ती सरकार
खालिद को 2013 में सुरक्षाबलों ने एक मुठभेड़ में मार गिराया था। सरकार ने मुआवजे के लिए 106 परिवारों की जो लिस्ट जारी की है उसमें खालिद के परिजनों का भी नाम है।
जम्मू। सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में 8 जुलाई को मारे गए हिजबुल मुजाहिद्दीन के कमांडर बुरहान वानी और उसके भाई को लेकर जम्मू कश्मीर की पीडीपी-भाजपा सरकार एक बार फिर विवादों में है।

पीडीपी और भाजपा की गठबंधन सरकार ने बुरहान वानी के भाई खालिद के परिवार को 4 लाख रुपए मुआवजा और एक सरकारी नौकरी देने का फैसला लिया है।
आपको बता दें कि खालिद को 2013 में सुरक्षाबलों ने एक मुठभेड़ में मार गिराया था। सरकार ने मुआवजे के लिए 106 परिवारों की जो लिस्ट जारी की है उसमें खालिद के परिजनों का भी नाम है।
हालांकि पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक खालिद के खिलाफ किसी तरह की कोई एफआईआर दर्ज नहीं है लेकिन खुफिया एजेंसियों का कहना है कि वह कई आतंकी साजिशों में शामिल रहा था।
इस मामले में सरकार में शामिल भाजपा और पीडीपी से किसी तरह की कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है लेकिन इस फैसले के बाद सरकार की आलोचना हो रही है।
इस बारे में जब बुरहान वानी के पिता से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि उन्हें इस फैसले के बारे में कोई जानकारी नहीं है और ना ही उन्होंने इस तरह की कोई मांग सरकार से की है।
सरकारी ने जो लिस्ट जारी की है उसमें उन लोगों को मुआवजा दिया जाता है जो आतंकी घटनाओं या आतंकियों के खिलाफ सैन्य कार्रवाई में मारे जाते हैं। बुरहान वानी के मारे जाने के बाद घाटी में बड़े पैमाने पर हिंसा हुई थी, जिसमें कई लोगों की मौत हुई थी।












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