महबूबा बोलीं-भारत-पाकिस्तान के बीच शांति स्थापित करना PDP का एडेंजा
श्रीनगर। पीडीपी (PDP) प्रमुख महबूबा मुफ्ती (mehbooba mufti) ने कहा कि गुपकर गठबंधन भारतीय संविधान के दायरे में जम्मू कश्मीर (Jammu kashmir) में पांच अगस्त, 2019 से पहले की विशेष स्थिति की बहाली के लिए प्रयास कर रहा था। कश्मीर की मुख्यधारा वाली पार्टियां चाहती है कि भारतीय संविधान के तहत ही जम्मू कश्मीर को पहले वाला दर्जा हासिल हो जाए। नेशनल कांफ्रेंस स्वायत्तता की बात करती थी और पीडीपी सेल्फ रूल की बात करती थी। यह सब भारतीय संविधान के भीतर ही चाहते थे।

महबूबा मुफ्ती ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया है कि वह देश के संविधान का अपमान कर रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने कृषि सुधारों के तीन कानून पारित किए और इन कानूनों के खिलाफ कड़ाके की ठंड में किसान आंदोलन कर रहे हैं। अगर ये कानून किसानों को मंजूर नहीं हैं। अगर आप के लाए कानून लोगों को स्वीकार नहीं हैं तो आप भारतीय संविधान का सम्मान नहीं कर रहे हैं।
वहीं महबूबा मुफ्ती ने भारत और पाकिस्तान के बीच फिर से एक बार अच्छे संबंध स्थापित करने की वकालत की है। महबूबा मुफ्ती ने मंगलवार को कहा कि उनकी पार्टी का मुख्य एजेंडा जम्मू-कश्मीर को भारत और पाकिस्तान के बीच शांति का पुल बनाना है। पीडीपी भारत और पाकिस्तान के बीच बातचीत के जरिए कश्मीर मुद्दे के समाधान के लिए जोर देती रहेगी। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि, हमने कहा है कि हमें CPEC का हिस्सा होना चाहिए, क्यों नहीं? जम्मू और कश्मीर 1947 से पहले व्यापार क्षेत्र का हिस्सा था, हमारे सभी रास्ते बंद कर दिए गए हैं।
महबूबा ने कहा कि स्वर्गीय मुफ्ती मोहम्मद सईद ने भाजपा के साथ केवल एक बोतल में जिन को बंद करने के लिए हाथ मिलाया था, ताकि अनुच्छेद 370 को छुआ न जाए। पड़ोसी मुल्क से जोड़ने वाली ऐतिहासिक सड़कें खोली जाएं। हुर्रियत नेताओं और पाकिस्तान के साथ बातचीत की जाए। यही एजेंडा ऑफ अलायंस था। महबूबा ने कहा कि भाजपा ने देश की शीर्ष एजेंसियों एनआईए, ईडी, सीबीआई को अपना साझेदार बनाया। लोगों को दबाया और उन्हें धमकाया।












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