'ये पैसा मेरा नहीं है, ये पैसा...', अर्पिता के घर से 52 cr मिलने के बाद पार्थ चटर्जी का चौंकाने वाला दावा
'ये पैसा मेरा नहीं है, ये पैसा...', अर्पिता मुखर्जी के घर से 52 करोड़ मिलने के बाद पार्थ चटर्जी का चौंकाने वाला दावा
नई दिल्ली, 31 जुलाई: पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के नेता पार्थ चटर्जी ने रविवार (31 जुलाई, 2022) को पत्रकारों से बात करते हुए अर्पिता मुखर्जी के घर से बरामद पैसों को लेकर चौंकाने वाला दावा किया है। बंगाल के बर्खास्त मंत्री पार्थ चटर्जी ने रविवार को एक बार फिर कथित शिक्षक भर्ती घोटाले में अपनी संलिप्तता से इनकार किया है। पार्थ चटर्जी ने कहा है कि छापेमारी के दौरान प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को जो अर्पिता मुखर्जी के फ्लैटों से 52 करोड़ मिले हैं, उससे उनका कोई लेना-देना नहीं है।
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'ये पैसा मेरा नहीं, समय आने पर पता चल जाएगा...'
पार्थ चटर्जी रविवार को जब मेडिकल जांच के लिए ईएसआई अस्पताल जा रहे थे तो उन्होंने मीडिया से अपनी गिरफ्तारी के बाद एक साजिश का इशारा किया। पार्थ चटर्जी ने कहा, ''ये पैसा मेरा नहीं है। जब समय आएगा, तो आपको पता चल जाएगा... ये मेरा पैसा नहीं है।'' पार्थ चटर्जी ने कहा,''यह मेरा पैसा नहीं है। इस पैसे से मेरा कोई लेना-देना नहीं है।'' उन्होंने यह भी कहा कि उनकी तबीयत ठीक नहीं है।

अर्पिता मुखर्जी के घर से 21 और 29 करोड़ मिले
22 जुलाई 2022 को ईडी ने अर्पिता मुखर्जी के एक फ्लैट पर छापा मारा और 21 करोड़ बरामद किए। इन 21 करोड़ में 500 और 2,000 के नोट थे। पार्थ चटर्जी और अर्पिता मुखर्जी दोनों को गिरफ्तार करने और ईडी की हिरासत में लेने के एक दिन बाद फिर से ईडी ने फिर से छापेमारी की। अर्पिता मुखर्जी के अन्य फ्लैट से ईडी को 29 करोड़ रुपये मिले और साथ में 5 किलो सोना। कुल मिलाकर ईडी के पास 52 करोड़ बरामद हुए हैं। पार्थ चटर्जी के फ्लैट से ईडी ने दस्तावेज, डीड बरामद किए हैं।

अर्पित मुखर्जी के बैंक अकाउंट की भी हो रही है जांच
ईडी ने अर्पिता मुखर्जी के उन पांच बैंक खातों को जब्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जहां उन्हें कम से कम दो करोड़ रुपये मिले हैं। अर्पित मुखर्जी द्वारा संचालित कई कंपनियों से भी जुड़े अन्य बैंक खाते भी ईडी की जांच के दायरे में हैं।

23 जुलाई को हुई थी गिरफ्तारी
ईडी ने पार्थ चटर्जी को 23 जुलाई 2022 को स्कूल सेवा आयोग (एसएससी) द्वारा भर्ती अभियान में कथित अनियमितताओं के मामले में गिरफ्तार किया था। ये शिक्षक भर्ती घोटाला 2014 से 2021 के बीच हुआ था, जब पार्थ चटर्जी बंगाल के शिक्षा मंत्री थे। पार्थ चटर्जी की करीबी सहयोगी अर्पिता मुखर्जी को भी इसी मामले में गिरफ्तार भी किया गया था। अर्पिता मुखर्जी के घर से कैश के अलावा पांच किलोग्राम सोना भी मिला था। ईडी ने संपत्तियों के दस्तावेज और विदेशी मुद्रा बरामद की है।










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