कौन हैं ममता के खासमखास मंत्री पार्थ चटर्जी? इतने करोड़ की है कुल संपत्ति
कोलकाता, 23 जुलाई: शिक्षक भर्ती घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल की ममता सरकार के दो मंत्रियों के 13 ठिकानों पर रेड डाली थी। इस दौरान मंत्री पार्थ चटर्जी की करीबी सहयोगी के घर से ईडी को करीब 20 करोड़ रुपये नकदी मिली थी। जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर कल दिनभर वायरल हुईं। अब इस मामले में ईडी ने कार्रवाई करते हुए पार्ट चटर्जी को घर से अरेस्ट कर लिया है। पार्थ ममता के सबसे करीबी मंत्रियों में से एक हैं।
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कौन हैं 5 बार के विधायक पार्थ चटर्जी?
पार्थ चटर्जी की गिनती तृणमूल कांग्रेस के कद्दावर नेताओं में होती है। पार्थ चटर्जी तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर साल 2001 में पहली बार विधानसभा के लिए निर्वाचित हुए थे। वर्तमान ममता कैबिनेट में पार्थ चटर्जी कॉमर्स एंड इंडस्ट्री विभाग के मंत्री हैं। मंत्री पार्थ चटर्जी के पास संसदीय कार्य विभाग का भी प्रभार है। पार्थ साल 2014 से 2021 तक शिक्षा मंत्री रहे थे।

एचआर से शिक्षा मंत्री तक का सफर
पार्थ चटर्जी का जन्म 6 अक्टूबर 1952 को कोलकाता में हुआ था। उन्होंने रामकृष्ण मिशन विद्यालय, नरेंद्रपुर से अपनी शुरुआती पढ़ाई की। उसके बाद उन्होंने आशुतोष कॉलेज सेइकोनॉमिक्स में ग्रेजुएशन किया। बाद में उन्होंने एमबीए की डिग्री हासिल किया। इसके बाद उन्होंने मल्टीनेशनल कंपनी एंड्रयू यूल ग्रुप में बतौर ह्यूमन रिसोर्स मैनेजर काम भी किया। इसी दौरान वे टीएमसी से जुड़े।

पांच बार चुने जा चुके हैं विधायक
पार्थ ने 2001 में बेहाला पश्चिम विधानसभा सीट से अपना पहला चुनाव लड़ा और जीते। इसके बाद साल 2006 में उन्होंने दोबारा जीत हासिल की। जिसके बाद उन्हें पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष का नेता चुना गया। 2011 में उन्होंने लगातार तीसरी बार जीत पाई। वे तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर 2001, 2006, 2011, 2016 और 2021 में लगातार पांच बार विधायक चुने जा चुके हैं। वह कोलकाता में नकटला उदयन दुर्गा पूजा समिति के अध्यक्ष भी हैं, जो अपने थीम वाले पंडालों के लिए प्रसिद्ध है।

किस मामले में हुए हैं गिरफ्तार?
पार्थ को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का काफी करीबी नेता माना जाता है। उनके पास अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस के पश्चिम बंगाल के महासचिव का राजनीतिक पद भी है। पार्थ की गिरफ्तारी के पीछे की वजह शिक्षक भर्ती घोटाला है। उनके कार्यकाल के दौरान पश्चिम बंगाल में स्कूल सर्विस कमीशन यानी एसएससी के जरिये जब शिक्षा विभाग की भर्तियों में अनियमितताहुई थी।इसी अनियमितता के आरोप की जांच केंद्रीय एजेंसियां कर रही हैं।

जानें कितनी संपत्ति के हैं मालिक
अगर पार्थ चटर्जी कुल संपत्ति की बात की जाए तो चुनाव में दाखिल उनके हलफनामे के मुताबिक, उनकी कुल संपति 1 करोड़ रुपए से अधिक की है। उन्होंने अपने हलफनामे में 1.48 लाख की कैश, 64 लाख एसबीआई बैंक में फिक्सड डिपोजिट और एक 25 लाख रुपए की एलआईसी पॉलिसी है। इसके अलावा उन्होंने अपनी एक घर को अपनी सपत्ति के तौर पर दिखाया है। जिसकी कीमत 25 लाख रुपए आंकी गई है। ना ही उनके पास कोई खेती लायक जमीन है और ना ही कोई कार है।












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