Parliament Winter Session: लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही एक हफ्ते पहले अनिश्चित काल के लिए स्थगित
संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही को शुक्रवार सुबह अनिश्चितकाल तक के लिए स्थगित कर दिया गया है। पहले इसके लिए 29 दिसंबर की तारीख तय की गई थी, लेकिन आज कार्यवाही शुरू होने से पहले ही यह फैसला लिया गया है।

Parliament Winter Session 2022 adjourned sine die: संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही शुक्रवार सुबह तय समय से एक हफ्ते पहले अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दी गई है। संसद का शीतकालीन सत्र इस साल 7 दिसंबर को शुरू हुआ था और 23 दिसंबर को इसे स्थगित कर दिया गया है। वैसे शीतकालीन सत्र के लिए इस बार 29 दिसंबर तक के लिए तारीख निश्चित की गई थी। लोकसभा की कार्यवाही तय समय से 6 दिन पहले स्थगित हुई है। जानकारी के मुताबिक लोकसभा को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने का फैसला बिजनेस एडवाइजरी कमिटी की बैठक में लिया गया है, जिसकी अध्यक्षता लोकसभा के स्पीकर ओम बिरला ने की है। इसमें सरकार और विभिन्न दलों के प्रतिनिधि होते हैं, जहां पर सत्र को छोटा करने का निर्णय लिया गया है।
संसद की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित
शु्क्रवार सुबह संसद की दोनों सदनों की कार्यवाही अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दी गई है। लोकसभा ने शीतकालीन सत्र के दौरान लगभग 97% प्रोडक्टिविटी दिखाई है। जबकि, राज्यसभा की कार्यवाही थवांग मुद्दे पर बार-बार बाधित होती रही। खबरों के मुताबिक राज्यसभा की कार्यवाही स्थगित करने के दौरान सभापति जगदीप धनकड़ ने कोविड-19 के संक्रमण की रोकथाम के लिए एहतियाती कदमों की अहमियत पर बात की है। गौरतलब है कि गुरुवार को धनकड़ के अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और लोकसभा स्पीकर ओम बिरला सभी मास्क लगाकर सदन में पहुंचे थे।
लोकसभा की प्रोडक्टिविटी 97% रही
राज्यसभा के सभापति धनकड़ ने संसद में मिलेट्स फेस्टिवल के आयोजन में सदस्यों के सहयोग के लिए उन्हें धन्यवाद भी दिया है। इस साल संसद के शीतकालीन सत्र में लोकसभा की 13 बैठकें हुईं। इस दौरान 62 घंटे और 42 मिनट सदन की कार्यवाही चली। अगर प्रोडक्टविटी की बात करें तो संसद के निचले सदन में इस सत्र के दौरान यह 97% रही है। जो कि काफी अच्छा माना जा सकता है।
थवांग मसले पर राज्यसभा की कार्यवाही हुई बाधित
संसद का शीतकालीन सत्र पिछले 7 दिसंबर को ही शुरू हुआ था। इस दौरान अरुणाचल प्रदेश के तवांग में चीन की घुसपैठ के मुद्दे को लेकर सत्र काफी हंगामेदार रहा है। राज्यसभा की कार्यवाही बार-बार इसी मुद्दे पर स्थगित होती रही।
विपक्ष ने बार-बार बायकॉट किया
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने शुरू में ही संसद को वास्तविक नियंत्रण रेखा पर यथास्थिति को बदलने की चीन की कोशिश के बारे में सदन में बयान दिया था। लेकिन, उच्च सदन में विपक्ष इसपर विस्तार से चर्चा करने की अनुमति को लेकर अड़ा रहा और सदन की कार्यवाही का लगातार बायकॉट करता रहा। लेकिन, केंद्र सरकार मामले की संवेदनशीलता की वजह से इसपर चर्चा के लिए तैयार नहीं हुई। इस मसले पर दोनों पक्षों के बीच आम सहमति बनाने की कोशिशें भी नाकाम रहीं।
कुछ महत्वपूर्ण बिल भी पास हुए
हालांकि इस दौरान संसद से कुछ विधेयक भी पास हुए जिनमें वन्य जीव (संरक्षण) संशोधन विधेयक-2021, ऊर्जा संरक्षण (संशोधन) विधेयक- 2022 और एंटी-मैरिटाइम प्राइवेसी विधेयक- 2019 भी शामिल हैं। लेकिन, यह सत्र की अवधि पूरी होती उससे पहले ही इसे समाप्त करने का निर्णय ले लिया गया है। वैसे आने वाले दो दिन छुट्टियां पड़ रही थीं। वैसे यह बात तय है कि देश में एक बार फिर से कोविड को लेकर चिंता बढ़ी है। लेकिन, इसका सत्र स्थगित करने से कोई संबंध है यह अभी साफ नहीं हुआ है।












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