करुणानिधि: जो कभी नहीं बना सांसद उसके लिए स्थगित किए गए दोनों सदन
नई दिल्ली। डीएमके प्रमुख एम करुणानिधि का मंगलवार को 94 वर्ष की आयु में चेन्नई के एक अस्पताल में करुणानिधि का निधन हो गया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत विभिन्न दलों के नेता करुणानिधि के अंतिम दर्शन के लिए चेन्नई पहुंचे। वहीं लोकसभा और राज्यसभा को करुणानिधि को श्रद्धांजलि देने के बाद स्थगित कर दिया गया। लोकसभा में स्पीकर सुमित्रा महाजन ने सदन को डीएमके प्रमुख और तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री करुणानिधि के निधन की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि उनके पास एक लंबा राजनीतिक अनुभव रहा है और वह एक सच्चे जननेता थे। सभी सांसद मौन में खड़े होकर करुणानिधि के श्रद्धांजलि दी गई और लोकसभा की कार्यवाही को दिनभर के लिए स्थगित कर दिया गया।

किसी गैर सांसद के लिए पहली बार स्थगित की गई संसद
वहीं राज्यसभा में डीएमके प्रमुख और तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री करुणानिधि को श्रद्धांजलि दी गई। इसके बाद उच्च सदन को भी दिनभर के लिए स्थगित कर दिया गया। आपको बता दें कि भारतीय संसद के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है जब किसी ऐसे नेता के निधन पर सदन को स्थगित किया गया जो अपने राजनीतिक जीवन में कभी सांसद नहीं रहा। इसके अलावा किसी पूर्व मुख्यमंत्री के निधन पर भी सदन को पहली बार स्थगित किया गया है।

दोनों सदनों को किया गया स्थगित
बैठक शुरू होने से पहले नायडू ने सदन को पूरे दिन के लिए स्थगित करने के बारे में विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ विचार विमर्श किया। सूत्रों ने कहा कि उन्होंने अन्य दलों के नेता के विचारों को जानने की मांग की, क्योंकि सदन को उस स्थिति में स्थगित किया जा सकता है जब मृत नेता दोनों सदनों में किसी एक का सदस्य हो या पूर्व में सदस्य रहा हो। लेकिन करुणानिधि दोनों में से किसी भी सदन के कभी सदस्य नहीं बने।

उनके सम्मान में बैठक दिन भर के लिए स्थगित
सभी सदस्यों ने करूणानिधि को देश के दिग्गज नेताओं में से एक बताते हुए कहा कि उनके सम्मान में बैठक दिन भर के लिए स्थगित की जानी चाहिए। संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार ने बताया कि सरकार भी दिवंगत नेता के सम्मान में बैठक दिन भर के लिए स्थगित करने के पक्ष में है और लोकसभा स्पीकर को यह सूचित कर दिया गया है।












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