दुनिया की टॉप 500 कंपनियों में सबसे युवा सीईओ बने पराग अग्रवाल, मार्क जुकरबर्ग को दी टक्कर
नई दिल्ली, 30 नवंबर: भारतीय मूल के पराग अग्रवाल सबसे लोकप्रिय माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म ट्विटर के नए सीईओ बन गए हैं। उनको ट्विटर के को-फाउंडर जैक डोर्सी के सीईओ पद से इस्तीफा के बाद यह जिम्मेदारी मिली है। सीईओ बनने से पहले पराग चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर की पोस्ट पर थे। सीईओ बनने के साथ-साथ अब पराग अग्रवाल दुनिया की टॉप 500 कंपनियों में सबसे कम उम्र (युवा) के सीईओ बन गए हैं।

मार्क जुकरबर्ग से टक्कर
पराग अग्रवाल को सोमवार को ट्विटर के संस्थापक और सीईओ जैक डोर्सी की जगह नियुक्त किया गया है। पराग अग्रवाल 37 साल के हैं, जो मेटा प्लेटफॉर्म इंक (पहले फेसबुक) के सीईओ मार्क जुकरबर्ग के बराबर हैं। सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए हालांकि ट्विटर ने पराग की जन्मतिथि का खुलासा नहीं किया, लेकिन पुष्टि की कि उनका जन्म 1984 में जुकरबर्ग के 14 मई के बाद हुआ था। पराग अग्रवाल और मार्क जुकरबर्ग की उम्र हालांकि बराबर है।

युवाओं के पक्ष में नहीं अभी रुझान
सीईओ की परफॉर्मेंस की स्टडी करने वाले स्टैनफोर्ड ग्रेजुएट स्कूल ऑफ बिजनेस के प्रोफेसर डेविड लारकर ने बताया कि 'मुझे नहीं लगता कि उम्र की बात इतनी बड़ी है, खासकर इस तरह की कंपनियों के लिए। यह एक फायदा हो सकता है। वहीं ब्लूमबर्ग की ओर से इकट्ठे डेटा के मुताबिक बर्कशायर हैथवे इंक. के सीईओ वारेन बफेट एसएंडपी 500 में 91 साल में सबसे पुराने सीईओ हैं। आंकड़ों से पता चलता है कि 500 सबसे बड़ी कंपनियों में से एक सीईओ की औसत उम्र लगभग 58 वर्ष थीं, लेकिन सीईओ की उम्र में पूरी तरह से रुझान अभी भी युवाओं के पक्ष में नहीं है।

2011 में ट्विटर किया था ज्वाइन
पराग अग्रवाल ने आईआईटी-बॉम्बे से ग्रेजुएशन किया, इसके बाद स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से कंप्यूटर साइंस में पीएचडी की। साल 2011 में उन्होंने एक ऐड इंजीनियर के रूप में ट्विटर ज्वाइन किया था। आपको बता दें कि पराग अग्रवाल से ट्विटर के सीईओ बनने के बाद उस लिस्ट में शामिल हो गए, जिनकी कमान भारतीय मूल के लोगों के हाथ में हैं। इससे पहले माइक्रोसॉफ्ट, अल्फाबेट, आईबीएम, अडोब जैसी नामी कंपनियों को देखने वाले अधिकारी भारत से जुड़े हुए हैं।












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