'हर ईसाई हिंदू है', क्रिसमस पर क्यों बोले पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री? जानिए असल वजह
Baba Bageshwar: बाबा बागेश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने क्रिसमस की पूर्व संध्या पर अपने विवादित बयान से एक बार फिर सुर्खियाँ बटोरी। उन्होंने कहा कि भारत में रहने वाले हर ईसाई और मुसलमान की धार्मिक जड़ें हिंदू धर्म में हैं। उन्होंने दावा किया कि आठ या नौ पीढ़ी पहले भारत के वर्तमान ईसाई और मुसलमान भी हिंदू थे। जिनके नाम रामलाल और श्यामलाल जैसे थे। उन्होंने इस आधार पर भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित करने की वकालत की और इसे देश के नागरिकों की सुरक्षा और भलाई के लिए जरूरी बताया।
Recommended Video
हिंदू राष्ट्र की अवधारणा और बढ़ते विवाद
शिवपुरी जिले के करैरा में एक कथा के दौरान पंडित शास्त्री ने हिंदू राष्ट्र के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि भारत जिसे हिंदुस्तान के नाम से जाना जाता है। स्वाभाविक रूप से हिंदुओं का देश है और यह पहचान हर भारतीय के भीतर है। उन्होंने दावा किया कि हिंदू धर्म को अपनाने से भारत में सामाजिक और धार्मिक एकता को बढ़ावा मिलेगा।

गजवा-ए-हिंद और परिवार नियोजन पर टिप्पणी
धीरेंद्र शास्त्री ने घटती हिंदू जनसंख्या और गजवा-ए-हिंद की अवधारणा का जिक्र करते हुए इसे भारत के भविष्य के लिए एक गंभीर खतरा बताया। उन्होंने तर्क दिया कि हिंदुओं को अपनी आबादी बनाए रखने और बढ़ाने के लिए कम से कम चार बच्चे पैदा करने चाहिए। उनके अनुसार यह देश की सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है।
उन्होंने हिंदू परिवारों में छोटे होते जा रहे सदस्यों की संख्या पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि बड़े परिवारों के खत्म होने से चाचा और मामा जैसे रिश्तों का महत्व घट रहा है। जो सामाजिक संरचना के लिए नुकसानदायक है।
धार्मिक पहचान और पारिवारिक मूल्यों का मिश्रण
पंडित शास्त्री का यह बयान न केवल धार्मिक और राष्ट्रवादी विचारों को बल देता है। बल्कि पारिवारिक मूल्यों और सामाजिक संरचना पर उनके गहरे विश्वास को भी उजागर करता है। उन्होंने कहा कि बड़े परिवारों का न होना समाज में बढ़ते अकेलेपन और विघटन का कारण बन रहा है।
सोशल मीडिया पर बंटा हुआ देश
धीरेंद्र शास्त्री के इन बयानों ने सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में एक नई बहस छेड़ दी है। उनके समर्थक इसे हिंदू धर्म और संस्कृति को बचाने का साहसिक कदम मानते हैं। जबकि आलोचकों का कहना है कि इस तरह के बयान समाज को बांटने का काम करते हैं।
पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की क्रिसमस की पूर्व संध्या पर की गई टिप्पणी ने भारत में धार्मिक पहचान, राष्ट्रवाद और परिवार नियोजन के विषयों पर एक नई बहस को जन्म दिया है। उनके विचारों ने देश में धर्म, संस्कृति और सामाजिक संरचना के बीच संबंधों पर चर्चा को तेज कर दिया है। उनका यह बयान उनके व्यापक दृष्टिकोण को दर्शाता है। जो भारतीय समाज और उसकी परंपराओं को एक नई दिशा देने की कोशिश करता है।












Click it and Unblock the Notifications