महीनों से पाक जासूस का ख्याल रख रही है भोपाल पुलिस, भारतीय को सजा क्यों?

क्या आप जानते हैं भारत पाकिस्तानी जासूसों के साथ कैसा व्यवहार करता है? पाकिस्तान के ठीक उलट, पढ़िए पूरी खबर।

पाक आर्मी कोर्ट द्वारा सोमवार को पूर्व भारतीय नौसेना अधिकारी कुलभूषण जाधव को सजा-ए-मौत सुनाए जाने के बाद दोनों देशों के बीच पहले से खराब चल रहे रिश्तों में और कड़वाहट आ सकती है। इसके सीधे संकेत मंगलवार को विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने राज्यसभा में अपने बयान के दौरान दिए। हालांकि यह वक्त ही बताएगा की भारत और पाकिस्तान के रिश्ते कैसे रहते हैं लेकिन आज हम आपको उस पाकिस्तानी जासूस के बारे में बताने जा रहे हैं जिसकी खिदमत भोपाल पुलिस पिछले कई महीनों से कर रही है।

महीनों से पाक जासूस का ख्याल रख रही है भोपाल पुलिस, भारतीय को सजा क्यों?

भोपाल पुलिस उठा रही है मुनीर का खर्चा

भोपाल पुलिस उठा रही है मुनीर का खर्चा

पाकिस्तान ने भले ही कथित भारतीय जासूस कुलभूषण को मौत की सजा दे दी हो लेकिन पाकिस्तानी जासूस सजीद मुनीर भोपाल पुलिस की जिम्मेदारी बना हुआ है। भोपाल पुलिस उसकी हर जरूरतों का खर्चा उठा रही है। यहां तक कि उसे वापस भेजने के भी कई प्रयास किए जा रहे हैं। लेकिन पाकिस्तानी सरकार बिना किसी जवाब के शांत बैठी है।

झीलों के सबसे खूबसूरत शहर की खूबसूरत जगह पर रखा गया है पाक जासूस

झीलों के सबसे खूबसूरत शहर की खूबसूरत जगह पर रखा गया है पाक जासूस

दरअसल जासूसी के आरोप में सजीद मुनीर को 12 साल की सजा हुई थी। लेकिन उसकी रिहाई के बाद पाकिस्तान ने भारत सरकार को मुनीर के प्रत्यर्पण अनुरोधों को लेकर जवाब नहीं दिया। जिसके बाद मुनीर भोपाल पुलिस की जिम्मेदारी बन गया। लगभग 10 महीनों से जिला विशेष शाखा (डीएसबी) उसकी देखभाल कर रही है। टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक मुनीर को झीलों के शहर की सबसे खूबसूरत जगहों में से एक कोह-ए-फिजा पुलिस स्टेशन के पास रखा गया है। डीएसबी मुनीर के भोजन और अन्य जरूरतों का खर्चा उठाता है।

2004 में हुई थी मुनीर की गिरफ्तारी, पाक बैठा खामोश

2004 में हुई थी मुनीर की गिरफ्तारी, पाक बैठा खामोश

भोपाल पुलिस ने मुख्यालय को बार-बार लिखकर कहा है कि मुनीर की निर्वासन प्रक्रिया तेज करो लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। पाकिस्तान की तरफ से कोई जवाब नहीं आता है। खबर के मुताबिक पिछले हफ्ते ही डीएसबी ने विदेश मंत्रालय से इस मुद्दे को पाकिस्तान के समक्ष उठाने के लिए एक और रिमाइंडर भेजा ताकि मुनीर वापस अपने घर जा सके। एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक मुनीर को 12 साल की सजा के बाद पिछले साल 12 जून को रिहा कर दिया गया था। मुनीर पर आरोप है कि उसने भोपाल स्थित सेना के ठिकानों की पाक खूफिया एजेंसी आईएसआई के लिए जासूसी की थी। गौरतलब है कि मुनीर को 2004 में भोपाल से गोपनीय सुरक्षा दस्तावेजों व विशिष्ट खुफिया सूचनाओं के के साथ गिरफ्तार किया गया था।

आईएसआई के लुभाने पर आया था भारत

आईएसआई के लुभाने पर आया था भारत

जांच से पता चला कि मर्डर केस में फरार चल रहे मुनीर को आईएसआई ने लुभाकर इंडिया भेजा था। उसने अपने भाई की हत्या का बदला लेने के लिए कराची के एक युवा की हत्या कर दी थी। कराची पुलिस से भागते समय वह एक आईएसआई अधिकारी के संपर्क में आया जिसने उसे भारत में जासूसी करने सौदा पेश किया। पाक खुफिया अधिकारी ने उसे कराची पुलिस से बचाने का वादा किया था। लेकिन उनकी शर्त थी मुनीर को उनके लिए भारत में काम करना होगा।

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