कर्ज के भारी बोझ में दबा पाकिस्तान, मंत्री ने कहा- हम दिवालिया होने वाले हैं
इस्लामाबाद। पाकिस्तान के वित्त मंत्री असद उमर ने बुधवार को कहा कि उनका देश का कर्ज इतने उच्च स्तर पर पहुंच गया है कि पाकिस्तान दिवालिया होने वाला है। सोशल मीडिया के साथ देश की अर्थव्यवस्था के संबंध में सवाल जवाब के विशेष सत्र में उमर ने बुधवार को कहा कि आप इतने भारी ऋण के बोझ के साथ अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के पास जा रहे हैं। हमें भारी अंतर को खत्म करना है। हमें अपनी अर्थव्यवस्था पर ध्यान देते हुए पुराने कर्ज को भरना होगा।

मंहगाई ने तोड़ी पाकिस्तान की कमर
पिछली सरकार के समय की मंहगाई से तुलना करते हुए पाक वित्तमंत्री ने कहा कि, अगर हम पीएमएलएन समय के नंबर को देखें तो उस वक्त महंगाई दहाई अंक में थी। अच्छी बात यह है कि हमारे समय में महंगाई अभी उस स्तर तक नहीं पहुंची है। वित्त मंत्री ने कहा कि पहले की तरह मंहगाई दोहरे अंक के स्तर को नहीं छू पाई है। उन्होंने दावा किया कि, यदि आप अतीत को देखें, तो मुद्रास्फीति ने समाज के सभी स्तरों को समान रूप से प्रभावित किया।

पाकिस्तान के इतिहास में पहली बार निर्यात नहीं बढ़ा
वित्त मंत्री ने कहा कि, यह सही है कि महंगाई ने गरीबों पर अधिक असर डाला, हमारे शासनकाल में यह स्थिति थोड़ी अलग है, उच्च आय वर्ग की तुलना में गरीब पर महंगाई का अपेक्षाकृत कम प्रभाव देखने को मिला है। उमर ने ये बात भी स्वीकार की है कि देश में मंदी चल रही है और रोजगार की दर भी धीमी है। उन्होंने पूर्व वित्त मंत्री इशाक डार का नाम लेते हुए कहा, मेरी सारी नीतियां इशाक डार की तरह हैं, जबकि उन्होंने अर्थव्यवस्था को चौपट करने का आरोप लगाया है। उनके कार्यकाल के दौरान पाकिस्तान के इतिहास में पहली बार निर्यात नहीं बढ़ा। डालर मजबूत हुआ।

आने वाले दिनों में पाकिस्तान की हालत और खराब होने वाली है
वित्त मंत्री ने पिछली सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि, पहले की आर्थिक नीतियों की वजह से एक देश के नाते हमें इतना अधिक नुकसान देखना पड़ रहा है। वहीं एशियाई विकास बैंक (एडीबी) ने पाकिस्तान की व्यापक आर्थिक चुनौतियों का जिक्र करते हुए बताया है कि बीते वित्त वर्ष में पाकिस्तान की वृद्धि दर 5.2 प्रतिशत थी जो चालू वित्त वर्ष 2019-20 में गिरकर 3.9 फीसद ही रहने का अनुमान है। इन आंकड़ो से एक बात को साफ है कि पाकिस्तान की आने वाले दिनों में स्थिति और खराब हो सकती है।
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