कोरोना के कहर से बचने के लिए पाकिस्तान ISI से ले रहा है ये काम
नई दिल्ली- पाकिस्तान में कोरोना मरीजों की संख्या लगभग 11 हजार हो चुकी है। करीब ढाई सौ लोगों की मौत भी हो चुकी है। ऐसे में आतंकवादियों का हिसाब-किताब रखने वाले अपनी खुफिया एजेंसी आईएसआई को पाकिस्तान की सरकार ने कोरोना ढूंढ़ने के काम पर लगा दिया है। आईएसआई अपनी नई जिम्मेदारी निभाने के लिए तकनीक और अपने ट्रेंड एजेंटों का उपयोग कर रहा है। पाकिस्तान सरकार को इससे फायदा ये मिल रहा है कि सीमित संसाधनों के बावजूद वह अपनी अर्थव्यवस्था का भट्ठा बिठाए बिना उन्हीं चुनिंदा जगहों पर सारा ध्यान लगा रहा है, जहां कोरोना बम फटने का खतरा है। इससे उसके संसाधन भी कम खर्च हो रहे हैं और आर्थिक गतिविधियां भी पूरी तरह से ठप नहीं हो रही है।

कोरोना ढूंढ़ने के काम पर लगे आईएसआई के एजेंट
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने हाल ही में कहा था कि कोरोना वायरस के संदिग्धों का पता लगाने के लिए पाकिस्तान अपनी खुफिया एजेंसी इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस की ओर से विकसित किए गए सिस्टम का इस्तेमाल कर रहा है। इमरान के दावे के मुताबिक आईएसआई ने यह सिस्टम आतंकियों के नेटवर्क की तलाश के लिए तैयार कर रखा है। इमरान खान के मुताबिक, 'शुरू में इसे आतंकियों का पता लगाने के लिए विकसित किया गया था, लेकिन अब हम इसे कोरोना का पता लगाने में इस्तेमाल कर रहे हैं।' इमरान ने कोविड-19 से लड़ने के लिए फंड जुटाने के इरादे से आयोजित एक टीवी कार्यक्रम में ये बातें कही हैं। इमरान ने कहा है कि, 'कारोबार को फिर से शुरू करने के लिए ट्रैकिंग, टेस्टिंग और क्वारंटीन (TTQ) ही एक रास्ता है।'

हॉटस्पॉट और संदिग्धों की तलाश पर फोकस
पाकिस्तानी अधिकारियों के मुताबिक आईएसआई के सिस्टम का इस्तेमाल करने का मकसद ये है कि उन इलाकों और हॉटस्पॉट की पहचान जल्द कर सकें, ताकि उन्हीं जगहों पर लॉकडाउन किया जा सके और कोरोना के खिलाफ लगने वाले ज्यादातर संसाधन उन्हीं जगहों पर फोकस कर के उपयोग किया जा सके। पाकिस्तानी आईएसआई वहां की सेना के एक अभिन्न अंग के तौर पर ही काम करती रही है, इसलिए टीटीक्यू सिस्टम में सामान्य प्रशासन सेना के निर्देशन में काम कर रहा है। आईएसआई के एजेंट अपनी टेक्निकल स्किल और टेक्नोलॉजी के जरिए कोरोना वायरस के खिलाफ जारी जंग में रणनीतियां तैयार करते हैं, जिसके निर्देशानुसार वहां का प्रशासन काम करता है। इस सिस्टम का पूरा फोकस इसी पर है कि टेस्टिंग तेजी से हो, संक्रमितों के संपर्कों की जल्द से जल्द पहचान हो सके और संदिग्धों या पॉजिटिव लोगों को फौरन क्वारंटीन किया जा सके।

आईएसआई की सहायता से बेहतर काम का दावा
पाकिस्तानी अधिकारियों का कहना है कि वह जिस तरह की रणनीति पर काम कर रहे हैं, उसकी वजह से उन्हें चुनिंदा लॉकडाउन करने में आसानी हो रही है। क्योंकि, इस मॉडल में सोशल डिस्टेंसिंग, अर्थव्यवस्था के चुनिंदा क्षेत्रों पर काम जारी रखना और जिन समुदायों में संक्रमण की ज्यादा आशंका है, उन्हें चुन-चुन कर अलग किया जाना और साथ ही साथ देश के हेल्थ सेक्टर को आने वाली चुनौतियों के लिए तैयार करते जाना शामिल है। आईएसआई के एजेंट जो आंकड़े जुटाते हैं, उससे उन्हें देश में कोरोना वायरस संकट का आंकलन करने और बेहतर कदम उठाने में काफी मदद मिल रही है।

पाकिस्तान में ग्यारह हजार के करीब मरीज
गुरुवार तक पाकिस्तान में कोविड-19 के 10,927 पॉजिटिव केस सामने आ चुके थे, जिनमें से मरने वालों की संख्या 230 बताई जा रही है। पाकिस्तानी स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि गुरुवार रात तक ही संक्रिमितों की तादाद 11,000 के आंकड़े को पार कर जाने की आशंका थी।












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