'हुजूर आते-आते बड़ी देर कर दी', GST रिफॉर्म पर विपक्ष ने साधा मोदी सरकार पर निशाना
P Chidambaram on GST Rate Cuts: GST लागू होने के आठ साल बाद आखिरकार केंद्र सरकार ने टैक्स ढांचे में बड़ा बदलाव किया है। अब 12% और 28% के स्लैब को खत्म कर केवल दो दरें - 5% और 18% रखी गई हैं। इसे सरकार ने "नेक्स्ट जेन GST रिफॉर्म" करार दिया है और दावा किया है कि इससे आम घरों, किसानों, कारोबारियों और स्वास्थ्य क्षेत्र को राहत मिलेगी। लेकिन इस बीच विपक्ष सरकार के इस कदम को समय से बहुत देर से उठाया गया फैसला बता रहा है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने कहा कि दरों में कटौती तो स्वागत योग्य है, लेकिन यह फैसला आठ साल पहले ही होना चाहिए था। वहीं तृणमूल कांग्रेस ने इसे जनता की जीत बताते हुए कहा कि भाजपा सरकार केवल दबाव पड़ने पर ही कदम उठाती है।

'शुरुआत से ही गलत था GST का ढांचा'
पी चिदंबरम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर लिखा कि GST का मौजूदा डिजाइन और दरें कभी लागू ही नहीं होनी चाहिए थीं। उन्होंने कहा कि जब 2017 में यह टैक्स सिस्टम शुरू किया गया था, तब से ही विपक्ष लगातार इसकी कमियों को उजागर कर रहा था। मगर उनकी चेतावनियों को अनसुना कर दिया गया।
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चिदंबरम ने लिखा, "GST दरों में यह कमी और सुधार स्वागत योग्य है, लेकिन यह 8 साल देर से आया फैसला है। मौजूदा डिज़ाइन और पहले की दरें शुरू से ही गलत थीं। हमने बार-बार सरकार को चेताया था, लेकिन हमारी बातों पर ध्यान नहीं दिया गया।"
सरकार की नीयत पर सवाल
पूर्व वित्त मंत्री ने सरकार के इस कदम के समय पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह बदलाव किन परिस्थितियों में किया गया है, इस पर सोचना चाहिए। चिदंबरम के मुताबिक, धीमी आर्थिक वृद्धि, बढ़ता घरेलू कर्ज, गिरती बचत, बिहार विधानसभा चुनाव और अमेरिका की ओर से लगाए गए टैरिफ जैसे कई कारण इसके पीछे हो सकते हैं।
TMC ने कहा ये है जनता की जीत
दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने भी इस फैसले पर अपनी प्रतिक्रिया दी। पार्टी ने कहा कि यह दरों में कटौती जनता की जीत है, क्योंकि लंबे समय से सरकार पर दबाव बनाया जा रहा था। TMC ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को घेरते हुए कहा कि बीमा प्रीमियम पर टैक्स लगाना "निर्दयी और जनविरोधी" था, जिसका लगातार विरोध किया गया।
TMC का कहना है कि भाजपा सरकार तब तक फैसले नहीं लेती, जब तक उसे मजबूर न किया जाए। पार्टी ने कहा, "ममता बनर्जी ने पहले दिन से ही बीमा प्रीमियम पर टैक्स का विरोध किया था। आज सरकार को पीछे हटना पड़ा। यह साफ दिखाता है कि भाजपा केवल तब सुनती है, जब उसे घेरा जाता है।"
'नेक्स्ट जेन GST रिफॉर्म'
सरकार ने इस बड़े फैसले को "नेक्स्ट जेन GST रिफॉर्म" का नाम दिया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने घोषणा की कि अब GST की दरें दो स्लैब में होंगी- 5% और 18%। इसके लिए 12% और 28% की दरों को खत्म कर दिया गया है। सीतारमण ने कहा कि इस सुधार से किसानों, कारोबारियों, स्वास्थ्य क्षेत्र और आम घरों को राहत मिलेगी। साथ ही यह कदम महंगाई पर भी काबू पाने में मदद करेगा और आर्थिक गतिविधियों को नई रफ्तार देगा।
सियासी और आर्थिक दोनों पहलू
विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार का यह फैसला सिर्फ आर्थिक नहीं बल्कि राजनीतिक दृष्टि से भी अहम है। बिहार विधानसभा चुनाव नजदीक हैं और विपक्ष लगातार महंगाई को बड़ा मुद्दा बना रहा है। ऐसे में दरों में कमी को जनता को सीधी राहत देने और चुनावी माहौल को प्रभावित करने वाले कदम के रूप में देखा जा रहा है।
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