यूक्रेन से निकाले गए 22 हजार से अधिक भारतीय नागरिक, विदेश मंत्री ने राज्यसभा में दी जानकारी
नई दिल्ली, मार्च 15। भारत सरकार ऑपरेशन गंगा के तहत यूक्रेन से अभी तक 22 हजार से अधिक भारतीय नागरिकों को बाहर निकाल चुकी है। यह जानकारी विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मंगलवार को राज्यसभा में दी। उन्होंने बताया कि युद्ध प्रभावित यूक्रेन से 22,500 से अधिक भारतीय नागरिक अभी तक स्वदेश लौट चुके हैं। उन्होंने बताया कि इस अभियान के दौरान कड़ी चुनौतियों का सामना किया गया, लेकिन हमने यह सुनिश्चित किया कि अपने लोगों को संघर्ष वाले क्षेत्र से निकालना ही है।

विदेश मंत्री ने राज्यसभा में दिए बयान में कहा, "हमने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर ऑपरेशन गंगा की शुरुआत की, जिसके तहत संघर्ष वाले इलाकों से काफी चुनौतीपूर्ण तरीके से भारतीयों को निकाला गया है। भारतीय नागरिक यूक्रेन में खुद को अकेला महसूस कर रहे थे और उनके सामने गुजर-बसर करने वाली चीजों की भारी कमी थी।" विदेश मंत्री ने कहा कि दो देशों की दुश्मनी ने सीधे तौर पर 20 हजार से अधिक भारतीयों की जान को खतरे में डाल दिया था, लेकिन हम अपने लोगों को वहां से निकालने के अलावा UNSC में मौजूदा स्थिति को लेकर विचार विमर्श भी कर रहे थे।
विदेश मंत्री ने आगे कहा कि 15 फरवरी, 20 और 22 फरवरी को भारतीय दूतावास की ओर से एडवाइजरी जारी करके भारतीय नागरिकों और छात्रों को यूक्रेन से निकलने के लिए कहा था। लगातार मिल रही एडवाइजरी के बाद भी बड़ी संख्या में छात्र वहां से नहीं निकल रहे थे। उनको डर यह था कि उनकी पढ़ाई अधूरी ना रह जाए। जब यूक्रेन में युद्ध शुरू हुआ तो उस वक्त 18 हजार से अधिक छात्र वहां फंसे हुए थे, एयर स्पेस बंद हो चुका था। ऐसे में सरकार के सामने चुनौतियां गंभीर थी, लेकिन इनके बावजूद भी अपने लोगों को निकालने के लिए हमने पड़ोसी देशों की सीमा का इस्तेमाल किया।












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