कोरोना काल में 120 फीट ऊंची मूर्ति बनाने पर बखेड़ा, विपक्ष ने कहा ये मजदूरों के आंसू पोंछने का वक्त

नई दिल्ली- कर्नाटक में स्वामी विवेकानंद की एक मूर्ति बनाने की योजना को लेकर सियासी बवाल शुरू हो गया है। येदियुरप्पा सरकार की योजना है कि वह स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की तर्ज पर विवेकानंद की प्रतिमा बनाकर बेंगलुरु के पास एक टूरिस्ट डेस्टिनेशन विकसित करेगी। लेकिन, कांग्रेस का कहना है कि ये वक्त मूर्तियां बनवाने का नहीं है, बल्कि मजदूरों और प्रवासियों की मदद करने का समय है। कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार ने जिस तरह से विवेकानंद की प्रतिमा बनाने के खिलाफ सियासी बिगुल फूंका है, उससे यह राजनीतिक लड़ाई और ज्यादा जोरदार होने की आशंका बढ़ गई है। (पहली तस्वीर प्रतीकात्मक)

भाजपा सरकार की प्राथमिकता तय नहीं- कांग्रेस

भाजपा सरकार की प्राथमिकता तय नहीं- कांग्रेस

कर्नाटक में बीएस येदियुरप्पा सरकार की ओर से स्वामी विवेकानंद की 120 फीट की प्रतिमा लगाने के प्रस्ताव पर राजनीतिक बखेड़ खड़ा हो गया है। विपक्षी कांग्रेस ने कोरोना वायरस के बीच में मुख्यमंत्री की प्राथमिकता को लेकर सवाल खड़ा कर दिया है। तीन एकड़ की प्लॉट पर विवेकानंद की विशालकाय मूर्ति स्थापित करने की राज्य सरकार योजना के खिलाफ कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार ने मोर्चा खोल दिया है। उनका कहना है कि मूर्ति बनाने के लिए यह सही समय नहीं है। जाहिर है कि कांग्रेस की इस आपत्ति को लेकर राज्य में नया सियासी बवाल शुरू होने की आशंका बढ़ गई है। डीके शिवकुमार ने कहा है कि, 'कर्नाटक में भाजपा सरकार की प्राथमिकता तय नहीं है। मूर्ति बनाने का यह सही वक्त नहीं है, यह समय प्रदेश की समस्याओं को सुलझाने का है। राज्य का विकास करना है। हमें मजदूरों, प्रवासियों और किसानों की समस्याओं की तरफ ध्यान देना है।'

मूर्ति बनाने का सही समय नहीं- डीके शिवकुमार

मूर्ति बनाने का सही समय नहीं- डीके शिवकुमार

जबकि, शिवकुमार का आरोप है कि आजतक मुख्यमंत्री ने किसी बैंकर्स या किसानों की बैठक नहीं बुलाई है। किसानों या मजदूरों के पास एक रुपया नहीं पहुंचा है। ऐसे में मूर्ति बनाने की बात करना देश को हंसी का पात्र बनाएगा। उन्होंने कहा कि जब सरकार के पास फंड काफी हो तब मूर्ति बनाया जा सकता है, लेकिन इस वक्त नहीं। 'यह ऐसी गतिविधियों का वक्त नहीं है, यह प्रदेश को और देश को बचाने का समय है।' उधर कर्नाटक के आवास विकास मंत्री वी सोमन्ना ने कहा है कि वे लोग बैनरघट्टा नेशनल पार्क से करीब 10 किलोमीटर की दूरी पर गुजरात में सरदार वल्लभभाई पटेल की 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' की तर्ज पर मूर्ति बनाने की योजना बना रहे हैं। कर्नाटक सरकार ये प्रतिमा बेंगलुरु के बाहरी इलाके में जिगनानी स्थित Muthyala Maduvu वॉटरफॉल के पास बनाने की तैयारी में है। जानकारी के मुताबिक विवेकानंद की मूर्ति बनाने का प्रस्ताव इलाके को टूरिस्ट डेस्टिनेशन में परिवर्तित करने के लिए कर्नाटक हाउसिंह बोर्ड की योजना का हिस्सा है। इस मूर्ति को बनाने पर कितनी लागत आएगी इसका अभी तक सही अनुमान नहीं है, लेकिन मूर्ति निर्माण के लिए शुरुआती काम शुरू किया जा चुका है।

कोरोना संक्रमण रोकने के प्रति सजग है कर्नाटक

कोरोना संक्रमण रोकने के प्रति सजग है कर्नाटक

बता दें कि कर्नाटक में आज सुबह तक कोरोना वायरस के कुल 3,221 मामले सामने आ चुके थे, जिनमें से 1,218 लोग ठीक भी हो चुके हैं और 51 लोगों की इससे मौत भी हुई है। यही नहीं, प्रदेश में कोरोना वायरस के संक्रमण को नियंत्रित रखने वाला कर्नाटक एक बहुत ही सजग राज्य है और उसने कुछ राज्यों से आने वालों के लिए तो प्रवेश तक पर सख्त नियम लागू कर रखा है। हालांकि, फिर भी राज्य में संक्रमितों की संख्या में पूरा ठहराव नहीं आया है और यह लगातार बढ़ते ही जा रहे हैं।

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