Opinion Poll: क्या नेताओं की बगावत से एमपी-छत्तीसगढ़ के चुनाव में होगा कांग्रेस को नुकसान?
Opinion Poll: छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में चुनावों को लेकर जबरदस्त सरगर्मी बनी हुई है। छत्तीसगढ़ में 90 विधानसभा सीट हैं, जहां पर दो चरणों में वोट डाले जाएंगे। पहला मतदान 7 नवंबर को तो वहीं दूसरे चरण का मतदान 17 नवबंर को होगा तो वहीं मध्य प्रदेश में वोटिंग 17 नवंबर को होगी, यहां पर विधानसभा की 230 सीटे हैं।

कांग्रेस पार्टी ने अपनी लिस्ट जारी कर दी है। ऐसे में दोनों राज्यों में कुछ दिग्गजों को टिकट नहीं मिला है और इस वजह से पार्टी में नेताओं की बगावत और विरोध देखने को मिल रहा है। कहीं ये नेताओं की नाराजगी कांग्रेस के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकती है? इस बारे में इंडिया टीवी ने सीधे जनता से सवाल किया, जिसमें चौंकाने वाले नतीजे सामने आए।
पोल में जनता ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया
इंडिया टीवी ने इस बारे में एक सर्वे किया , जिसमें जनता से सवाल किया गया था कि क्या टिकट बंटने के बाद नेताओं की बगावत कांग्रेस पार्टी के लिए एमपी-छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनावों में मुश्किलें पैदा कर सकती है?, इस पोल में जनता ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और जो परिणाम सामने आए वो काफी हैरान करने वाले थे।
कांग्रेस पार्टी के लिए घातक है बगावत?
इस पोल में 7065 लोगों ने हिस्सा लिया। 79.5 प्रतिशत लोगों का मानना है कि ये बगावत कांग्रेस पार्टी के लिए घातक है तो वहीं 21.2 फीसदी लोगों का मानना है कि इस बात से चुनावी नतीजों पर कोई असर नहीं होगा तो वहीं 3 प्रतिशत लोगों ने इस बारे में अपनी कोई राय नहीं रखी है।
कुछ खास बातें
साल 2018 में एमपी में किसी को पूर्ण बहुमत नहीं मिला था। तब कांग्रेस ने निर्दलीय विधायकों के साथ मिलकर सरकार बनाई लेकिन ये सरकार केवल 15 महीने चली और फिर साल 2019 में बीजेपी की सरकार बनी थी।
- कांग्रेस-114 सीटें
- बीजेपी-109 सीटें
- बसपा-2 सीटें
- सपा-1 सीट
- निर्दलीय-4 सीटें
छत्तीसगढ़ में कांग्रेस ने पलटी थी बाजी
तो वहीं साल 2018 के चुनाव में छत्तीसगढ़ में कांग्रेस को 68, बीजेपी को 15, बीएसपी को 2 और अन्य को 5 सीटें मिली थी, यहां कांग्रेस ने बड़ा कमाल किया था।












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