Operation Mahadev में पहलगाम का मास्टर माइंड सुलेमान और उसके दो पंटर ढेर, गृहमंत्री ने भी की पुष्टि
Operation Mahadev 3 Terrorist: ऑपरेशन महादेव में भारतीय सेना और सीआरपीएफ ने ज्वाइंट ऑपरेशन में तीन आतंकियों को मार गिराया है। गृहमंत्री अमित शाह ने लोकसभा में इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि इस सैन्य कार्रवाई में पहलगाम आतंकी हमले में शामिल सुलेमान उर्फ फैजल समेत तीन आतंकियों को सेना ने मार गिराया है। गृहमंत्री ने कहा, ऑपरेशन में तीनों आतंकवादी, सुलेमान, अफगान और जिबरान मारे गए। जो लोग उन्हें खाना पहुंचाते थे, उन्हें पहले ही हिरासत में ले लिया गया था। जब इन आतंकवादियों के शव श्रीनगर लाए गए, तो हमारी एजेंसियों द्वारा हिरासत में रखे गए लोगों ने उनकी पहचान की है। पहलगाम आतंकी हमले के 96 दिन बाद भारतीय सेना ने 26 बेकसूर लोगों की मौत का बदला लिया है।
श्रीनगर जिले के हरवन इलाके में संदिग्ध आतंकियों के होने की सूचना मिली थी। सेना की चिनार कोर ने बताया कि तीन आतंकियों को एक मुठभेड़ में ढेर कर दिया गया है। गृहमंत्री ने तीन आतंकियों के मारे जाने की पुष्टि की है।

ढेर हुआ आतंकी सुलेमान, कई हमलों में था शामिल
ऑपरेशन महादेव में पहलगाम अटैक का मास्टरमाइंड सुलेमान उर्फ आसिफ के मारे जाने की पुष्टि गृहमंत्री ने की है। सुलेमान इस पूरे आतंकी हमले का लीडर था। यह ऑपरेशन चाइनीज अल्ट्रा रेडियो कम्युनिकेशन के एक्टिव होने के सुराग मिलने के बाद शुरू किया गया।
सुलेमान के बारे में सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि वह पाकिस्तान सेना में स्पेशल फोर्स का पैरा कमांडो रहा है। अक्टूबर 2024 में गांदरबल के गागनगीर में हुए आतंकी हमले भी शामिल था। इस हमले में 6 गैर-स्थानीय नागरिक और एक डॉक्टर की मौत हुई थी।
Operation Mahadev में मारे गए यासिर और सलमान कौन हैं?
अब तक मारे गए तीनों आतंकियों की पहचान हो चुकी है। मारे गए तीनों आतंकियों को खाना पहुंचाने वाले पहले ही हिरासत में हैं। उन्होंने तीनों की पहचान की पुष्टि की है। अब तक मिली जानकारी के मुताबिक, इन तीनों की ट्रेनिंग पाकिस्तान के लश्कर ए तैयबा कैंप में हुई थी और हमले को अंजाम देने से पहले कई बार कश्मीर का दौरा किया था। सूत्रों के मुताबिक, सेना काफी समय से इनकी गतिविधियां ट्रैक कर रही थी।
आम तौर पर आतंकियों की पहचान की पुष्टि से पहले सेना और सुरक्षा एजेंसियां कई स्तर पर जांच करती हैं। लश्कर ए तैयबा जैसे आतंकी संगठनों से जुड़े आतंकी एक ही वक्त में अपनी कई पहचान के साथ एक्टिव रहते हैं।
आतंकियों की पहचान की पुष्टि के लिए सेना का है अपना तरीका
सेना कई स्तर पर जांचने के बाद ही इनकी पहचान जारी करती है। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि इस ऑपरेशन में पहलगाम अटैक में शामिल हाशिम मूसा मारा गया है। फिलहाल यह तय है कि तीनों का कनेक्शन पाकिस्तान से है और तीनों की संलिप्तता पहलगाम हमले में हो सकती है।
सेना ने बताया कि हरवन इलाके के जंगलों से आतंकियों के दूसरी जगह जाने की सूचना मिली थी। इसके बाद सेना ने ड्रोन और टेक्नोलॉजी के जरिए आतंकियों की मूवमेंट ट्रैक की और फिर ऑपरेशन लॉन्च किया। पहला हमला दहशतगर्दों की ओर से किया गया जिसके बाद जवानों ने जवाबी कार्रवाई की। फिलहाल पूरे इलाके को घेर लिया गया है और सर्च ऑपरेशन चल रहा है। सर्च ऑपरेशन में सेना के हाथ कुछ अहम सबूत लगने की जानकारी सामने आई है। इलाके में कुछ और आतंकियों के भी छुपे होने की आशंका है।
संसद में राजनाथ सिंह ने दी ऑपरेशन सिंदूर पर जानकारी
संसद के मानसून सत्र में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर के बारे में जानकारी दी। सदन में बोलते हुए उन्होंने कहा, 'हमारी सेनाओं द्वारा की गई सुनियोजित कार्रवाई में 9 आतंकी ठिकानों को बेहद सटीकता से निशाना बनाया गया। अनुमान के अनुसार इस सैन्य अभियान में 100+ आतंकवादी, उनके ट्रेनर, शिष्य और हैंडलर जो बड़े आतंकी संगठनों से जुड़े थे इनको ढेर किया गया।












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