वनइंड‍िया के पाठकों ने सराहा किन्नरों के ह‍ित में हुआ फैसला

supreme court
बेंगलोर। सुप्रीम कोर्ट के फैंसले ने तो किन्नरों को अलग लिंग का दर्जा दे ही दिया है, पर वन इड‍िंया के पाठकों ने भी इस कदम की खुले दिल से सराहना की है। किन्नरो को उनके अध‍िकारों से करीब लाने वाले इस फैंसले को 69 प्रत‍िशत पाठकों ने 'बहुत अच्छा' बताया है। पोल सर्वे बताता है कि किस तरह लोग किन्नरों के प्रत‍ि संवेदनशील हैं, व उनके ह‍ित में हुए फैंसले का सम्मान करते हैं।

पत्रकार‍िता की छात्रा दीपाली पोरवाल ने फैंसले को जनह‍ित में बताते हुए इसे न्यायपाल‍िका की जीत बताया। वहीं एक न‍िजी कंपनी में कार्यरत दत्तू ने भी फैंसले को किन्नरों के अध‍िकारों की जीत बताया। पूरे सर्वे में हमने लोगों से राय भी मांगी थी, जिसमें सभी ने एकस्वर में इस फैंसले को समाजह‍ित में बताया। वहीं बाकी न्यूनतम पाठकों की राय, इस सम्बंध में 'पता नहीं' रही।

बेहद कम पाठकों ने फैंसले पर नकारात्मक प्रत‍िक्रिया दी है। इससे साफ जाह‍िर है समाज का हर तबका किन्नरों के ह‍ित की बात करता है। ऐसे ही सर्वे में मिली प्रत‍िक्रियाओं के जर‍िए हम पाठकों की राय जानते हैा। आप की भागीदारी, हमारी शैली का ह‍िस्सा है।

पत्रकार‍िता हो या राजनीत‍ि, जनता की सर्वाध‍िक भागीदार की सवर्थ जरूरत रहती है। किन्नरों को सुप्रीम कोर्ट ने ना सिर्फ अलग ल‍िंग का दर्जा दिया, बल्क‍ि उनके स्वास्थ्य, श‍िक्षा व उत्थान की भी पैरवी की है।

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