पटना और बोधगया के बाद चर्च स्ट्रीट ब्लास्ट का कनेक्शन भी बिहार से!
पटना। बिहार धीरे-धीरे आतंकियों के लिए एक सुरक्षित गढ़ में तब्दील होता जा रहा है। इसकी ताजा मिसाल है रविवार को बेंगलुरु के चर्च स्ट्रीट में हुआ ब्लास्ट और अब इस ब्लास्ट के तार बिहार से जुड़ते नजर आ रहे हैं। चर्च स्ट्रीट में हुए ब्लास्ट के सिलसिले में बिहार पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। अब नेशनल इनवेस्टिगेटिंग एजेंसी यानी एनआईए ब्लास्ट के सिलसिले में पूछताछ करेगी।

बिहार पुलिस को भेजा था अलर्ट
यह व्यक्ति बिहार के जहानाबाद का रहने वाला है और इसकी गिरफ्तारी एनआईए के बिहार पुलिस को भेजे गए अलर्ट के बाद हुई है। एनआईए के सूत्रों को वनइंडिया की ओर से जो जानकारियां दी गई हैं, उसके मुताबिक यह व्यक्ति अभी संदिग्ध है और पूरी जांच के बारे में ही एजेंसी किसी निर्णय पर पहुंचेगी।
पटना, बोधगया, चेन्नई और बिहार
एनआईए का मानना है कि बिहार में मौजूद एक मॉड्यूल ने ही बेंगलुरु के चर्च स्ट्रीट ब्लास्ट को अंजाम दिया है। एनआईए सूत्रों के मुताबिक एजेंसी हर संभावना पर काम कर रही है और जांच चल रही है। लेकिन किसी भी निर्णय पर पहुंचने से पहले एजेंसी पूरी तरह से सुनिश्चित हो जाना चाहती है। 2013 में हुए पटना और बोधगया ब्लास्ट के अलावा मई 2014 में चेन्नई में हुए ट्रेन ब्लास्ट का संबंध भी बिहार से ही था।
जांच में लगेगा समय
एनआईए का कहना है कि एजेंसी इन सभी हमलों के बीच किसी तरह की समानता के बारे में भी संभावना पर भी अध्यन हो रहा है। फिलहाल एजेंसी खुद इस बात को मान रही है कि इस सिलसिले में उसके हाथ अभी भी कोई ठोस जानकारी हाथ नहीं लगी है लेकिन इस तरह की जांच को पूरा करने में समय लगता है।
बेंगलुरु पुलिस ने तैयार किए स्केच
वहीं दूसरी ओर बेंगलुरु पुलिस भी इस केस की जांच कर रही है और उसका कहना है कि वह आरोपियों के स्केच जारी करने से पहले थोड़ा इंतजार करेगी। पुलिस को प्रत्यक्षदर्शी की ओर से जो जानकारी मिली है, उसके मुताबिक घटनास्थल पर तीन लोगों को देखा गया था।
पुलिस की ओर से तीनों के स्केच तैयार कर लिए गए हैं और पुलिस इसकी सत्यता की जांच करने में जुटी हुई है। पुलिस को इस बात की जानकारी भी मिली है कि तीन लोग सफेद रंग की एक जेन कार में थे और इनमें से ही एक व्यक्ति ने एक पैकेट गिराया था।
अभी तक ठोस सुराग नहीं
घटना को एक हफ्ता होने वाला है लेकिन पुलिस को अभी तक इससे जुड़ा कोई भी ठोस सुराग हासिल नहीं हो सका है। पुलिस एनआईए के साथ मिलकर ज्यादा से ज्यादा जानकारी इकट्ठा करने की कोशिशें कर रही है। पुलिस की एक टीम को वारंगल भेजा गया था लेकिन वह भी खाली हाथ लौट आई है।
चेन्नई से भी नहीं कोई जानकारी
पुलिस को चेन्नई से भी कोई खास सुराग हासिल नहीं हुआ है। पुलिस को शुरुआत में शक था कि इन ब्लास्ट में आतंकी संगठन अल-उम्माह का हाथ हो सकता है। पुलिस इस बात की संभावना से भी इंकार नहीं कर रही है कि इस घटना को स्वतंत्र तरीके से अंजाम दिया गया हो और किसी भी आतंकी संगठन की कोई मदद ही न ली गई हो।












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