रेलवे के निजीकरण को लेकर पीयूष गोयल ने दिया बड़ा बयान
नई दिल्ली। रेलवे के निजीकरण के बीच आलोचनाओं का सामना कर रही सरकार का रेलमंत्री पीयूष गोयल ने बचाव किया है। रेलवे के निजीकरण पर पीयूष गोयल ने कहा कि रेलवे भारत और भारतीयों की संपत्ति है और आगे भी यह भारतीयों की ही रहेगी। उन्होंने रेलवे के निजीकरण की संभावनाओं को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि हम रेलवे का निजीकरण नहीं कर रहे हैं बल्कि यात्रियों को बेहतर सुविधा मुहैया कराने के लिए निजी कंपनियों से कॉमर्शियल व ऑन बोर्ड सेवाओं को आउटसोर्स कर रहे हैं।

देश के लोगों की संपत्ति है रेलवे
पीयूष गोयल ने यह बयान राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान एक सवाल का जवाब देते हुए दिया है। उन्होंने कहा कि रेलवे को चलाने के लिए अगले 12 वर्षों में खर्च होने वाल 50 लाख करोड़ की राशि को सरकार अकेले नहीं जुटा सकती है, लिहाजा इस तरह के कदम उठाकर पूंजी को इकट्ठा किया जा रहा है। गोयल ने कहा कि हमारा मकसद यात्रियों को बेहतर सेवा और सुविधा मुहैया कराना है, हम कतई रेलवे का निजीकरण नहीं करना चाहते हैं। भारतीय रेलवे देश के लोगों की है और आगे भी उन्ही की संपत्ति रहेगी।

50 लाख करोड़ की जरूरत
रेलमंत्री ने कहा कि हर दिन संसद सदस्य रेलवे लाइनों को बेहतर करने और यात्रियों को बेहतर सेवाएं देने की मांग को लेकर मेरे पास आते हैं। अगले 12 वर्षों की बात करें तो रेलवे को चलाने के लिए कुल 50 लाख करोड़ रुपए की जरूरत होगी, ऐसे में यह हर कोई जानता है कि अकेले सरकार इतने पैसे जमा नहीं कर सकती है। इसी वजह से हम बेहतर सेवाओं के लिए ऑन बोर्ड सेवाओं को आउटसोर्स कर रहे हैं।

निजी निवेश से यात्रियों को होगा लाभ
ट्रेनों में बढ़ती भीड़ से निपटने को लेकर पीयूष गोयल ने कहा कि अगर निजी कंपनियां रेलवे में निवेश करना चाहती हैं और मौजूदा प्रणाली को चलाने की इच्छुक हैं तो इससे यात्रियों और उपभोक्ताओं को लाभ मिलेगा। रेल राज्य मंत्री सुरेश अंगड़ी ने कहा कि हम प्राइवेट कंपनियों से केवल ऑनबोर्ड सेवाओं को आउटसोर्स कर रहे हैं, लेकिन रेलवे पर हमारा मालिकाना हक रहेगा।












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