OLA और Uber पर केंद्र का शिकंजा, स्मार्टफोन के आधार पर अलग किराया लेने का आरोप, नोटिस जारी
Ola Uber Cab Fare: कैब एग्रीगेटर्स ओला (OLA) और उबर (Uber) पर मोदी सरकार ने शिकंजा कड़ा कर दिया है। केंद्र सरकार के उपभोक्ता मामलों के विभाग ने गुरुवार को कैब एग्रीगेटर्स को नोटिस जारी किया। यह नोटिस केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) के जरिए स्मार्टफोन के आधार पर अलग-अलग किराया लेने की शिकायत के बाद भेजा गया है, जिसमें किराए की रिपोर्ट पर जवाब मांगा है।
दरअसल, सरकार ने सोशल मीडिया पर कई रिपोर्ट आने के बाद ओला और उबर से जवाब मांगा है, जिसमें दावा किया गया है कि एंड्रॉइड और iOS डिवाइस के जरिए बुकिंग करते समय यूजर से एक ही सर्विस के लिए अलग-अलग किराया वसूला जा रहा है।

Ola Uber Cab Fare पर मोदी सरकार सख्त
ऐसे में अब सरकार ने ओला और उबर को नोटिस जारी कर उनसे सफाई मांगी है। रिपोर्ट्स में कहा गया है कि एंड्रॉइड और आईफोन से कैब बुक करने पर एक ही राइड के लिए अलग-अलग किराया दिखाया जा रहा है। नोटिस की जानकारी केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी ने एक्स पोस्ट पर भी साझा की।
As a follow-up to the earlier observation of apparent #DifferentialPricing based on the different models of mobiles (#iPhones/ #Android) being used, Department of Consumer Affairs through the CCPA, has issued notices to major cab aggregators #Ola and #Uber, seeking their…
— Pralhad Joshi (@JoshiPralhad) January 23, 2025
केंद्रीय उपभोक्ता मामलों के मंत्री प्रहलाद जोशी ने बताया कि CCPA को ओला, उबर और रैपिडो जैसे प्लेटफार्मों की "अनुचित व्यापार व्यवहार" और उपभोक्ताओं के पारदर्शिता के अधिकार के लिए "घोर उपेक्षा" के लिए जांच करने का आदेश दिया है। जोशी ने कहा कि सरकार "उपभोक्ता शोषण के लिए जीरो टॉलरेंस " रखती है और CCPA को पूरी तरह से जांच करने और जल्द से जल्द एक रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
क्या है मामला, और कैसे आया सामने?
सबसे पहले बात आखिर यह सवाल कहां से उठा? दरअसल, सोशल मीडिया पर कई लोगों ने दावा किया कि एंड्रॉइड और आईफोन पर राइड बुकिंग के दौरान किराए में फर्क दिखता है। दिसंबर में इस मामले ने तब तूल पकड़ा जब एक एक्स यूजर ने उबर ऐप पर एक खास लोकेशन के लिए कथित तौर पर अलग-अलग किराए दिखाने वाले दो फोन की तस्वीर शेयर की थी।
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अब मोदी सरकार का एक्शन
केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने ओला और उबर को नोटिस भेजकर उनके मूल्य निर्धारण (प्राइसिंग) की प्रक्रिया पर जवाब मांगा है। मंत्रालय ने कंपनियों से कहा कि वे यह साफ करें कि किराए में यह फर्क क्यों है और उपभोक्ताओं के साथ पारदर्शिता कैसे सुनिश्चित की जाएगी। केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी ने कहा कि सरकार उपभोक्ता शोषण बर्दाश्त नहीं करेगी और इस मामले की पूरी जांच की जाएगी।












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