ओडिशा: पीएम मोदी का हेलीकॉप्टर उतारने के लिए काट दिए 1200 पेड़

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    क्या PM Modi के Helipad के लिए सच में काटे गए 1000 Trees, WATCH VIDEO | वनइंडिया हिंदी

    भुवनेश्वर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ओडिशा दौरे पर उनके स्पेशल हेलीकॉप्टर को उतारने के लिए प्रशासन ने कथित रूप से 1000 से ज्यादा पेड़ों को काट दिया है। पीएम मोदी के हेलीकॉप्टर को उतारने के लिए एक टैंपररी हेलीपैड बनाने की जरुरत थी, जिसके बाद सुरक्षा और खुले मैदान का हवाला देते हुए प्रशासन ने ओडिशा के बलांगीर जिले में अंधाधुंध तरीकों से हजारों पेड़ों को कुछ ही घंटों में काटकर एक समतल जमीन तैयार कर दी। इस बीच कोई भी इसकी जिम्मेदारी लेने के लिए सामने नहीं आ रहा है और चारों तरफ से हो रही आलोचना के बाद लोकल फॉरेस्ट डिपार्टमेंट यूनिट, रेलवे और पब्लिक वर्कर डिपार्टमेंट ने एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप का गेम खेलना शुरू कर दिया है। पीएम मोदी मंगलवार को ओडिशा पहुंचेंगे, जहां वे कई प्रोजेक्ट का उद्घाटन करेंगे।

    हेलीपैड के लिए 1000 -1200 पेड़ों की हुई कटाई

    हेलीपैड के लिए 1000 -1200 पेड़ों की हुई कटाई

    इंग्लिश न्यूजपेपर 'द हिंदू' की रिपोर्ट के मुताबिक, पश्चिमी ओडिशा के बलांगीर में 1,000 से भी ज्यादा पेड़ों की कटाई कर एक टैंपररी हेलीपैड बनाया गया है, जहां कल पीएम मोदी का हेलीकॉप्टर उतरेगा। डिफेंस फॉरेस्ट ऑफिसर (डीएफओ) ने समीर सतपथी ने मीडिया को बताया, 'पेड़ों की कटाई के जो आरोप लगे हैं वे बिल्कुल सही है। करीब एक हजार पेड़ों को काट दिए गए हैं। रेलवे को इसके लिए नोटिस भेजा जाएगा और पूछा जाएगा कि किसकी अनुमति से उन्होंने ऐसा किया।' डीएफओ ने कहा कि 1,000 से 1,200 पेड़ों को काटकर गिराया गया है।

    ब्लेम गेम शुरू, जिम्मेदारी लेने को कोई तैयार नहीं

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    हेलीकॉप्टर को उतारने के लिए पेड़ों को काटकर जिस जमीन को साफ किया गया है, उस पर अर्बन प्लांटेशन प्रोग्राम के दौरान 2.25 हेक्टर जमीन पर 2016 में वृक्षारोपण हुआ था। यह जमीन रेलवे के अंतर्गत आती है। अधिकारियों ने सुरक्षा का हवाला देकर हेलीपैड बनाने के लिए 1.25 हेक्टर जमीन से पेड़ों हजारों पेड़ों को काट दिया गया। ईस्ट कोस्ट रेलवे के प्रवक्ता ने कहा कि यह काम पीडब्ल्यूडी ने किया होगा, क्योंकि हैलीपेड कंस्ट्रक्शन वो ही कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि रेलवे ऐसी कोई गतिविधियों में शामिल नहीं होता।

    विवाद से बीजेपी ने किया किनारा

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    डीएफओ समीर सतपथी ने कहा कि जब रेलवे को इसके बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, 'हेलीपैड के लिए जमीन को साफ करना था। सिक्योरिटी को ध्यान में रखते हुए पेड़ों को तुरंत काटा गया।' डीएफओ ने कहा कि रेलवे ने इसके लिए फॉरेस्ट डिपार्टमेंट से पहले जानकारी नहीं ली थी। बीजेपी ने अपने आपको इस विवाद से किनारे कर दिया है। बीजेपी एमएलए रबी नारायण नायक ने राज्य की बीजेडी सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें हेलीपैड उपलब्ध करवाना चाहिए था।

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