ओडिशा: केंद्र और राज्य सरकार के विरोध में कांग्रेस अन्य दलों के साथ मिलकर करने जा रही जन आक्रोश रैलियां
ओडिशा में विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस बीजद और भाजपा के विरोधी रानजीतिक दलों के साथ लामबंद हो चुकी है। कांग्रेस ने इन राजनीतिक दलों के साथ मिलकर नवंबर माह की शुरूआत में राज्य सरकार और केंद्र सरकार के खिलाफ जन आक्रोश रैलियों का आयेाजन करने का निर्णय लिया है।

रविवार को कांग्रेस की अध्यक्षता में ओडिशा राज्य में 16 गैर बीजू जनता दल और गैर भाजपा राजनीतिक दलों ने तीसरी बैठक की, जिसमें नवंबर माह में राज्य स्तर पर जन आक्रोश रैली का आयोजन करने का निर्णय लिया।(
इस बैठक में बीजू जनता दल और भाजपा के खिलाफ राज्य में अभियान शुरू करने संबंधी मुद्दों पर चर्चा हुई। इसके साथ ही इस बैठक में राज्य के चुनाव समाप्त होने तक अभियान पर नजर रखने के लिए ओडिशा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष शरत पनटनायक की अध्यक्ष्ता में 17 सदस्यीय समिति का भी गठन किया।
हालांकि सूत्रों के अनुसार कांग्रेस और अन्य पार्टियों के बीच चुनाव में सीटों के बंटवारे को लेकर अभी कोई निर्णय नहीं हुआ है। माना जा रहा है कि चुनाव से पहले तक सीटों के बंटवारे को लेकर इंतजार होगा। हालांकि खबर है कांग्रेस राज्य में 16 राजनीतिक दलों में से केवलल वामपंथी दलों के साथ चुनाव में सीटों के बंटवारे को लेकर बातचीत कर सकती हैं। अन्य किसी दल के साथ राज्य में सीटों के बंटवारे को लेकर कोई मायने नहीं है।
बता दें कांग्रेस और 16 अन्य राजनीतिक दलों की जन आक्रोश रैली की शुरूआत नवंबर महीने के पहले हफ्ते में राज्य के रायगड़ा से होगी क्योंकि इस क्षेत्र में कांग्रेस की मजबूत पकड़ है। वहीं नवंबर के दूसरे हफ्ते में राउलकेला में और तीसरी और चौथी जन आक्रोश रैली संबलपुर और बालासोर में होनी सुनिश्चित हुई हैं। ये रैलियां नवंबर के पहले और दूसरे सप्ताह में ही आयोजित की जाएगी।
इस जन आक्रोश रैली में जाति आधारित जनगणना, राज्य में बिगड़जी कानून-व्यवस्था, बेरोजगारी, एससी और एसटी समुदायों की उपेक्षा, भ्रष्टाचार समेत अन्य मुद्दें उठाए जाएंगे।












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